COVID-19 : गुना में एक मुस्लिम परिवार के लिए मसीहा बने पुलिस वाले

गुना. अक्सर कहा जाता है पुलिस (Police) वालों के सीने में दिल नहीं होता.लेकिन गुना (guna) से आयी ये तस्वीर बेहद जुदा है. ये कह रही हैं कि पुलिसवालों के सीने में भी दिल धड़कता है.ये ज़िंदगी के रियल हीरोज़ की कहानी है.कोरोना (corona) के कमांडोज की कहानी. पुलिस के इन जवानों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है,जो ना सिर्फ अपना फर्ज निभा रहे हैं बल्कि ये एक मुस्लिम परिवार के लिए मसीहा बन गए.

कोरोना की इस महामारी में हर कोई किसी ना किसी तरह से जंग लड़ रहा है. यहां तो ये जंग जिन्दगी की थी,जब गुना में लॉकडाउन के दौरान एक बुजुर्ग अलाउद्दीन खान की पत्नी बानो बाई को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया. वो गश खाकर गिर पड़ीं थीं.लॉकडाउन की वजह से सब बेबस थे. कोई अलाउद्दीन खान की मदद नहीं कर पा रहा था. बेबस पति महामारी की इस मार में अपनी बेहोश पड़ी बीवी के पास बैठा कलप रहा था.

देवदूत बनकर आयी पुलिस

संकट की इस घड़ी में पुलिस वाले मानो देवदूत बनकर उनके पास आए.सिटी कोतवाली थाने में तैनात कांस्टेबल नितिन शर्मा और सूर्येन्द्र मिश्रा ने बिना देर किए बस ये ठान लिया था कि कैसे भी बीमार बुजुर्ग महिला बानो बाई को अस्पताल पहुंचाना है. इन पुलिसवालों ने हाथ ठेले का इंतजाम किया. बानो बाई को उस पर लादा और खुद ही ठेला धकाकर अस्पताल तक ले गए. बीमार बानो बाई को फौरन इलाज मिल गया. पुलिसवालों के इस देवदूत अवतार को देख सब खुशी से भर गए. अस्पताल में मौजूद स्टाफ और लोगों ने तालियों से इन देवदूतों को सलामी दी.
 

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