ग्वालियर में प्रदूषण पर वार, जबलपुर मॉडल पर लगेंगे मिस्ट टावर

ग्वालियर। मध्‍य प्रदेश के ग्वालियर में धूल और प्रदूषण से परेशान लोगाें काे राहत देने के लिए नगर निगम मिस्‍ट टावर लगाने की योजना बना रही है. इस संबंध में सोमवार को निगमायुक्त संघ प्रिय ने पीआईयू और एनकैप अधिकारियों की बैठक को लेकर प्रस्‍ताव जल्‍द ही तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम ने शहर में मिस्‍ट टावर लगाने का निर्णय जबलपुर मॉडल की तर्ज पर लिया है. नोडल अधिकारी पवन सिंघल को इसका प्रस्‍ताव करने का कहा है।

एनकैप फंड से होगा निर्माण कार्य

निगम अधिकारी के अनुसार, एनकैप फंड में करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है. इसमें से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर पहले ही जारी हो चुके हैं।

ग्रीन पार्क और एयरपोर्ट इलाके में होगा काम

निगम की बैठक में ग्रीन पार्क, मिस्‍ट टावर और एयरपोर्ट क्षेत्र में लैंडस्केपिंग के साथ ही अन्‍य विकास कार्यों के प्रस्‍ताव भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. मिस्‍ट टावर में ऊंचाई पर लगे नोजल से पानी की महीन बूंदों को हवा में छोड़ी जाती है. ये पानी की बूंदे धूल के कणों को नीचे गिराकर वायू प्रदूषण कम करने में पूरी तरह से मदद करती है।

शहर के प्रमुख चौराहों पर लगेंगे

शहर में मिस्‍ट टावर प्राथमिकता के हिसाब से ट्रैफिक चौराहों पर, निर्माण स्‍थलों और ज्यादा धूल वाले क्षेत्रों में लागए जाएंगे. फिलहाल अभी स्‍थान और संख्‍या तय नहीं किए गए हैं।

क्या है मिस्‍ट टावर?

मिस्‍ट टावर बढ़ते प्रदुषण को कम करने का एक आधुनिक पर्यावरणीय उपकरण है. इसमें हवा में सूक्ष्‍म जल कणों का छिड़काव किया जाता है और प्रदूषण, धूल और गर्मी को कम किया जाता है. यह पूरी तरह से एंटी-स्‍मॉग गन की तरह कम करता है, जो धूल के महीन कणों को ढूंढकर जमीन पर बैठा देता है, जिससे हवा शुद्ध हो जाती है. आमतौर पर मिस्‍ट टावर शहर के सबसे ज्यादा व्‍यस्‍त चौराहों पर या फिर पार्क और प्रदूषित क्षेत्रों में लगाए जाते हैं।

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