EMI पर राहत मिलेगी या नहीं? RBI गवर्नर की PC थोड़ी देर में
नई दिल्ली, त्योहारी सीजन से पहले रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक के नतीजे आने वाले हैं. इस बैठक के नतीजों से ये साफ हो जाएगा कि त्योहारी सीजन में आम लोगों को लोन की ब्याज दरों पर राहत मिलेगी या नहीं. दरअसल, रिजर्व बैंक रेपो रेट कटौती को लेकर कोई फैसला ले सकता है. हालांकि, बीते अगस्त महीने में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था. केंद्रीय बैंक इससे पहले पिछली दो बैठकों में रेपो रेट में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. फिलहाल रेपो दर चार प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत है.
महंगाई पर चर्चा की संभावना
आरबीआई की बैठक में महंगाई को लेकर चर्चा होने की संभावना है. पिछले दिनों महंगाई दर के आंकड़े जारी हुए थे, जो 6 फीसदी को पार कर गई है. जानकारों की मानें तो खुदरा मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों को यथावत रख सकता है. विशेषज्ञों का कहना कि आपूर्ति पक्ष संबंधी मुद्दों की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है, जिसके मद्देनजर केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है. बीते दिनों भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा था कि रिजर्व बैंक को अपने नरम रुख को जारी रखना चाहिए.
28 सितंबर को होने वाली थी बैठक
आपको यहां बता दें कि रिजर्व बैंक ने पहले मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का दिन 28 सितंबर को तय किया था. लेकिन समिति के सदस्यों की नियुक्ति की वजह से बैठक को आगे के लिए टाल दिया गया था. सरकार ने एमपीसी में तीन सदस्यों की नियुक्ति कर दी है. तीन जाने माने अर्थशास्त्रियों अशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को एमपीसी का सदस्य नियुक्त किया गया है. इन सदस्यों की नियुक्ति चेतन घाटे, पामी दुआ, रविन्द्र ढोलकिया के स्थान पर की गई है. इनका कार्यकाल सितंबर में पूरा हो गया था.
