महा-सावधान! 50 किमी/घंटा रफ्तार तक चलेंगी तूफानी हवाएं, आंधी-बारिश और ओलों का खतरा

चंडीगढ़। हरियाणा के आसमान पर छाई काली घटाओं ने प्रदेश भर में एक बार फिर चिंता और डर का माहौल पैदा कर दिया है। सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज हरियाणा के कई जिलों में कुदरत का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है, विशेषकर दक्षिण हरियाणा के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। आसमानी बिजली कड़कने और तेज आंधी के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
बीती रात हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जैसे जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई जोरदार बारिश ने रात के सन्नाटे को चीर दिया, वहीं धूल भरी आंधी ने कई क्षेत्रों में विजिबिलिटी कम कर दी। इससे पहले 31 मार्च को हुई बेमौसम बारिश ने प्रदेश के करीब 100 गांवों में गेहूं और सरसों की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया था, जिससे किसान पहले से ही सदमे में हैं। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे जिले हॉटस्पॉट बने हुए हैं, जहाँ आंधी और ओलों का दोहरा हमला हो सकता है। वहीं अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर में बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है, जबकि रोहतक और सोनीपत जैसे मध्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुग्राम 37.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटों के दौरान होने वाली इस तूफानी बारिश के बाद गर्मी के तेवर थोड़े ढीले पड़ेंगे और पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों को आने वाले दो दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आसमान से बरसती यह आफत कृषि और बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। खेतों में खड़ी पकी हुई फसल को बचाना इस वक्त किसानों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता और चिंता का विषय बना हुआ है।
 

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