जीएसटी उपायुक्त 20 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, लापता गुजराती महिला परिवार से मिली

महाराष्ट्र। के नासिक में राज्य कर (जीएसटी) विभाग के उपायुक्त सोमनाथ दत्तू पागे और एक अन्य को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आरोपी सहायक आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल डोंडे फरार है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त पागे और सहायक आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल डोंडे ने शिकायतकर्ता के नासिक स्थित कार्यालय पर छापा मारा था और जीएसटी के तहत कार्रवाई से बचाने के लिए 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह रकम घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई। शिकायत मिलने पर एसीबी ने जाल बिछाया और पागे के सहयोगी अमित जाधव को 20 लाख रुपये की पहली किश्त लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। पागे के कार्यालय से 2 लाख रुपये नकद और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सहायक आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल की तलाश की जा रही है। 

महाराष्ट्र में पर्यावरण विभाग ने आर्द्रभूमि की पहचान के लिए शुरू की प्रक्रिया

महाराष्ट्र पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में वेटलैंड (आर्द्रभूमि) की पहचान करने और उन्हें नोटिफाई करने का काम शुरू कर दिया है। इस काम में एक राष्ट्रीय शोध संस्थान मदद कर रहा है। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता बी.एन. कुमार की अपील के जवाब में सामने आई है। उन्होंने राज्य में सर्वे किए गए वेटलैंड और मुंबई की पवई झील की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मुंबई और पास के जिलों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल राष्ट्रीय संस्थान के स्तर पर नक्शे और जरूरी दस्तावेज तैयार करने का काम चल रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे जिला वेटलैंड निगरानी समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद तकनीकी समिति और राज्य वेटलैंड अथॉरिटी इसकी समीक्षा करेंगे। अंत में जनता की राय लेने के बाद अंतिम सिफारिश राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
 
गुजरात की लापता महिला महाराष्ट्र में मिली, परिवार से हुई मुलाकात

गुजरात के सुरेंद्रनगर की रहने वाली 40 साल की सुमन विकी खारवा अपने परिवार से मिल गई हैं। वह मानसिक रूप से बीमार हैं और एक ट्रिप के दौरान गोवा के मडगांव से लापता हो गई थीं। वह अपने पति के साथ यात्रा पर निकली थीं। मानसिक परेशानी की वजह से वह महाराष्ट्र के सावंतवाड़ी में बहुत खराब हालत में मिली थीं। सावंतवाड़ी पुलिस ने उन्हें 19 फरवरी को कुडाल के संविता आश्रम में भर्ती कराया था। जीवन आनंद संस्था के ट्रस्टी किसन चौरे ने बताया कि सुमन से मिली जानकारी और डिजिटल सर्च टूल्स की मदद से उनकी टीम ने सुरेंद्रनगर पुलिस से संपर्क किया। वहां से उनके भाई का फोन नंबर मिला। वीडियो कॉल के जरिए पहचान पक्की होने के बाद सुमन की सास और अन्य रिश्तेदार उन्हें लेने आश्रम पहुंचे। आश्रम के अध्यक्ष संदीप परब ने इस काम में महाराष्ट्र और गुजरात पुलिस के आपसी तालमेल की सराहना की। सामाजिक संगठनऔर पुलिस की कोशिशों से एक परिवार फिर से एक हो सका।

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