Haryana Chunav Result: बहुमत से दूर भाजपा और कांग्रेस, निर्दलियों से साध रहें संपर्क

हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा के एक्जिट पोल के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दोनों ही राष्ट्रीय दल जिताऊ निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क साधने में जुट गए हैं। मतदान के बाद से ही हैवीवेट निर्दलीयों को पटाने की कोशिश जारी है।
भाजपा और कांग्रेस का प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व खुद को इतना मजबूत कर लेना चाहता है कि नतीजों के बाद बहुमत साबित करने के लिए ज्यादा मशक्कत न करनी पड़े।

एक्जिट पोल में निर्दलीयों को 6 से 10 सीटें दिखाई गई हैं जिससे राष्ट्रीय दलों के बड़े नेता सतर्क हो गए हैं। दोनों के ही थिंक टैंक ने जिताऊ निर्दलीयों को परिणाम से पहले ही अपने पाले में लाने की कवायद शुरू कर दी है। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय नेता निर्दलीयों से अपने-अपने संबंधों के आधार पर संपर्क बनाए हुए हैं। रूझानों में ही निर्दलीयों की संख्या काफी दिख रही है। जजपा की बाद ये भी किंगमेकर की भूमिका में हैं।

कुछ निर्दलीय परिणाम से पहले अपनी आस्था किसी में भी व्यक्त करने से परहेज कर रहे हैं जिससे दोनों दलों में अस्थिरता की स्थिति है। कोई भी पक्के तौर पर यह नहीं कह सकता कि जीतने के बाद उसके साथ कितने निर्दलीय साथ आएंगे। अंबाला सिटी में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह मजबूत दिख रहे हैं। उन्हें हुड्डा समर्थक माना जाता है।
वह अंबाला कैंट से बेटी चित्रा सरवारा के लिए टिकट चाह रहे थे, लेकिन कांग्रेस के टिकट न देने पर निर्मल खुद अंबाला सिटी व बेटी अंबाला कैंट सीट से निर्दलीय मैदान में हैं। निर्मल से भाजपा संपर्क में है।

रेवाड़ी में भाजपा ने मौजूदा विधायक रणधीर कापड़ीवास की टिकट काटी थी, वह भी चुनाव लड़ रहे हैं। मजबूत स्थिति में होने के कारण उनसे भी दोनों दल संपर्क बनाए हुए हैं। पुंडरी में दिनेश कौशिक, चरखी दादरी में सोमबीर सांगवान, समालखा में रवींद्र मछरौली, पुन्हाना में रहीश खान पर भी बड़े दल नजरें गड़ाए हुए हैं।

जजपा के जिताऊ विधायकों पर भी नजर
जजपा के जीतने वाले विधायकों पर भी भाजपा व कांग्रेस की नजर है क्योंकि दोनों दलों से गए बड़े नेताओं को ही जजपा ने टिकट दी है। कांग्रेस के अनेक नेता जजपा की टिकट पर जीतने की स्थिति में हैं। उनसे कांग्रेस विभिन्न स्तर पर संपर्क स्थापित किए हुए है। जजपा चुनावों रुझानों में कई सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे भाजपा व कांग्रेस और अधिक गंभीर हो गई हैं।

 

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