IAS पी नरहरि ने सोशल मीडिया पर लिखा- ऑक्सीजन सप्लाई में टैंकर-ट्रेन की स्पीड व एयर लिफ्ट में सेफ्टी बाधक,

 

भोपाल मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग पूरी करने की जिम्मेदारी सरकार ने आईएएस अफसर पी नरहरि को सौंपी है। उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया पर सुझाव मांगे हैं। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन नरहरि ने लिखा है – ऑक्सीजन सप्लाई में टैंक- ट्रेन की स्पीड व एयर लिफ्ट में सेफ्टी बाधक, कैसे हो ज्यादा आपूर्ति?

मध्य प्रदेश में काेरोना मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैँ। अनुमान के हिसाब से प्रदेश को 30 अप्रैल तक 600 टन ऑक्सीजन की जरूरत होगी। वर्तमान में सरकार राज्य के बाहर से अधिकतम 400 टन की आपूर्ति कर पा रही है। अभी तक टैंकरों के माध्यम से ऑक्सीजन आ रही है, लेकिन अब सरकार एयर लिफ्ट करने की तैयारी है।

इससे पहले ड्रग कंट्रोलर नरहिर ने ऑक्सीजन का परिवहन करने वाले टैंकरों की धीमी गति को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट कर लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने कहा कि हम कैसे ऑक्सीजन की ज्यादा से ज्यादा पूर्ति कर लोगों की जान बचा सकते हैं? इसमें समस्या यह है कि लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन को टैंकर से सड़क के माध्यम से लाया जाता है। ये टैंकर अधिकतम 50 किमी प्रति घंटे की स्पीड में चलते हैं। ऐसे में कैसे बिना रोड सेफ्टी से समझौते कर टैंकर की स्पीड बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा, लिक्विड ऑक्सीजन लेकर आने वाली ट्रेन अधिकतम 20 किमी की स्पीड से ही चल सकती है। ऐसे में कैसे ट्रेन स्पीड सेफ्टी से समझौता किया जा सकता है? इसी तरह एयरलिफ्ट करने में भी प्रॉब्लम आएगी। इसको लेकर नरहरि ने सोशल मीडिया पर सुझाव देने की अपील की है।

इससे पहले सरकार ऑक्सीजन के टैंकरों को एंबुलेंस का दर्जा दे चुकी है। समय रहते इन्हें मंजिल तक पहुंचाने के लिए कॉरिडोर बनाए गए। बावजूद इसके टैंकर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। क्योंकि इन टैंकरों के ड्राइवर प्रशिक्षित रहते हैं। उन्हें 50 किमी प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड से टैंकर चलाने की अनुमति नहीं है।

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