अगर जीवन में घट रहीं हैं ये घटनाएं तो समझ लें आपके पितर हैं आपसे नाराज, गलती से भी न करें नजरअंदाज

ऐसी मान्यता है कि किसी व्यक्ति पर पितृ दोष लगता है तो उसके साथ कुछ भी अच्छा नहीं होता है. वंश आगे नहीं बढ़ता. संतान प्राप्ति में मुश्किलें आती हैं. घर में हर दिन लड़ाई-झगड़े का माहौल बना रहता है. कोई भी कार्य करने जाते हैं तो उसमें रुकावट पैदा हो जाती है. शुभ कार्यों में विघ्न आने लगता है. ये सभी पितरों के नाराज होने का संकेत है. ऐसे में आज मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आप पितृ दोष को दूर करने के कुछ उपाय करें तो पितृ दोष दूर हो सकता है. उनकी आत्म को शांति मिलती है. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए आप पितरों के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध, पिंडदान आदि करते हैं तो इससे पितर तृप्त होते हैं. इससे आपके सभी दोष दूर हो सकते हैं.
पितृ दोष क्या है- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ दोष एक ऐसा योग है, जो व्यक्ति की कुंडली के पंचम या नवम भाव में राहु-केतु, अन्य ग्रहों की अशुभ स्थिति होने के कारण बनता है. राहु ग्रह को पितृ दोष का मुख्य कारक कहा जाता है. पूर्वजों के कुछ अधूरे कार्यों, असंतुष्ट आत्मा, माता-पिता को अपने ही बच्चों द्वारा कष्ट देने आदि से बनता है, इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती और उनकी आत्मा भटकती रहती है. ऐसे में जीवन में सबकुछ अशुभ होने लगता है. शुभ कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं. आपके जीवन में पितर दोष है या नहीं, उसे कुछ खास संकेतों से आप पहचान सकते हैं.
ऐसा भी मान्यता है कि अगर किसी को पितरों का आशीर्वाद मिले तो उसे सफलता मिलती है. अगर किसी को पूर्वजों का आशीर्वाद नहीं मिले तो उसकी जिंदगी में बहुत मुश्किलें आती हैं. इसे ही पितृ दोष कहा जाता है. आज मौनी अमावस्या है, इसलिए आज के दिन लोग अपने पितरों को तर्पण देते हैं. इस दिन पिंडदान, पितृ स्तोत्र का पाठ करने, पूर्वजों से क्षमा याचना से भी पितरों का गुस्सा शांत किया जा सकता है. उनकी आत्मा को शांति मिल सकती है.
पैसे की हानि: पितृ दोष होने पर आपके जीवन में अशुभ घटनाएं होनी शुरू हो जाएंगी. अगर आप अचानक पैसे खो देते हैं तो यह पितृ दोष का संकेत हो सकता है. आपके लिए पैसे बचाना मुश्किल हो जाता है और जो पैसा आपने रखा है वह भी खो सकता है. आर्थिक तंगी से आप ग्रस्त हो सकते हैं. कर्ज के बोझ के तले दब सकते हैं.
खाने में बाल: अगर आपके खाने में बार-बार बाल मिलते हैं तो इसका मतलब है कि आपके पूर्वज आपसे खुश नहीं हैं. इसका मतलब ये भी होता है कि आपके पूर्वज भूखे हैं. अचानक आपको आपके घर के किसी भी भाग में, आंगन या दीवारों पर पीपल का पेड़ उगता दिख जाए तो समझ लें ये पूर्वजों के नाराज होने का संकेत है.
सपने में पूर्वजों का आना: अगर सपने में पूर्वज आकर मुस्कुराते हैं तो यह अच्छा माना जाता है. इसका मतलब है कि वे खुश हैं, लेकिन अगर वे सपने में रोते हैं या दुखी होकर बात करते हैं तो इसका मतलब है कि पितृ नाराज हैं. ऐसे में आपको दान देना चाहिए और पितृ पूजा करनी चाहिए.
अजीब सी खुशबू: हर जगह अलग-अलग खुशबू होती है, लेकिन अगर अचानक आपको अजीब सी खुशबू महसूस होने लगे तो ये पितरों की नाराजगी का संकेत है. अगर आपको ये खुशबू बार-बार महसूस हो तो तुरंत पूजा करना जरूरी है.
काम में रुकावटें: आप जो भी कार्य करने जाते हैं, उसमें रुकावट आए, कार्य रुक जाए, पूरा नहीं हो, आपको बार-बार असफलता हासिल हो, तो ये भी पितर दोष के संकेत हैं. करियर में तरक्की ना हो, नौकरी चली जाए या लगातार प्रयास के भी जॉब ना मिले तो इसका कारण भी पितृ दोष ही है. इसके लिए आप अपने घर पर ही पितृ पूजा जरूर करवा सकते हैं.
नाराज पितरों को मनाने के उपाय: विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान करें. ब्राह्मण भोजन कराएं, उन्हें दक्षिणा दें. पूर्वजों के नाम पर गरीबों को अनाज, वस्त्र आदि का दान करें. पीपल के पेड़ की पूजा करें. पितृ स्तोत्र पाठ करें. आपके द्वारा अनजाने में पूर्वजों के साथ हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
