“तू मेरी नहीं तो किसी की नहीं” — श्रीगंगानगर में नाबालिग पर तेजाब से हमला
केसरीसिंहपुर|राजस्थान की शांत सरहदी धरती एक बार फिर उस जहरीली सोच की गवाह बनी, जहां एकतरफा प्यार ‘इश्क’ नहीं बल्कि हिंसा का चेहरा बन गया। ‘तू मेरी नहीं तो किसी की नहीं’ जैसी विकृत मानसिकता को सीने में पाले एक सनकी युवक ने नाबालिग छात्रा की जिंदगी तबाह करने की कोशिश की। शादी से इनकार करने पर 9वीं कक्षा की छात्रा पर तेजाब फेंकने वाले आरोपी ओमप्रकाश उर्फ जानी को श्रीगंगानगर पुलिस ने न सिर्फ गिरफ्तार किया, बल्कि सख्त कार्रवाई कर पूरे राजस्थान को साफ संदेश दिया—बेटियों की तरफ गलत नजर की कीमत चुकानी पड़ेगी।
एकतरफा सनक, नाबालिग पर हमला
केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ओमप्रकाश लंबे समय से नाबालिग छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था। वह स्कूल आते-जाते समय उसका पीछा करता, रास्ता रोकता और बात न मानने पर धमकियां देता था। छात्रा ने जब साफ इनकार किया, तो आरोपी ने बदले की आग में उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की।आरोपी की मंशा छात्रा के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे जिंदगी भर का दर्द देने की थी, लेकिन किस्मत और सतर्कता के चलते तेजाब कपड़ों पर गिर गया। छात्रा को गंभीर चोट से बचा लिया गया, हालांकि मानसिक आघात गहरा है।
राजस्थान पुलिस की फुर्ती, 25 हजार का इनामी दबोचा
घटना के बाद श्रीगंगानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। थाना प्रभारी बलवंतराम के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया गया। दर्जनों सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।आरोपी ने खुद को बचाने के लिए हेलमेट पहन रखा था, बाइक की नंबर प्लेट भी ढकी हुई थी, लेकिन राजस्थान पुलिस की पकड़ से वह ज्यादा देर नहीं बच सका। देर रात उसे राउंडअप कर लिया गया।
बाजार में जुलूस, कानून का सख्त संदेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की ‘सनकी हेकड़ी’ निकालने के लिए उसे सरेआम बाजार में घुमाया। कान पकड़वाकर निकाले गए जुलूस के दौरान आरोपी हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता नजर आया। बाजार में मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त रुख की सराहना की।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। राजस्थान में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
‘इश्क’ नहीं, यह अपराध है
यह घटना एक बार फिर बताती है कि एकतरफा प्यार के नाम पर की जाने वाली हिंसा दरअसल मानसिक विकृति और अपराध है। राजस्थान जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में ऐसी घटनाएं समाज के लिए आईना हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है कि समय रहते ऐसे व्यवहार को रोका जाए।
बेटियों की सुरक्षा पर सख्त रुख
श्रीगंगानगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ नाबालिग से छेड़छाड़, तेजाब हमला और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर कड़ी सजा दिलाने की तैयारी है।
