दो नहीं तीन डेट ऑफ बर्थ है जीतू पटवारी की! बोले- मौका आने पर जवाब दे देंगे

इंदौर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी इन दिनों अपनी जन्मतिथि को लेकर चर्चाओं में हैं. हाल ही में पटवारी पर अपनी उम्र छुपा कर दो अलग-अलग डेट ऑफ बर्थ के जरिए राजनीतिक लाभ लेने के आरोप भाजपा ने लगाए थे. हालांकि अब उनकी तीसरी डेट ऑफ बर्थ वोटर आईडी में सामने आई है जिसको लेकर पटवारी का कहना है कि बचपन में गलत दर्ज की गई डेट ऑफ बर्थ को बाद में सुधार दिया गया है. उनकी ओरिजिनल डेट ऑफ बर्थ एक ही है.

भाजपा नेता श्याम साहू ने जीतू पटवारी की अलग-अलग जन्मतिथि को लेकर उठाए थे सवाल

दरअसल विगत दिनों स्थानीय भाजपा नेता श्याम साहू द्वारा जीतू पटवारी की हाई स्कूल की मार्कशीट और विधानसभा में मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग उनकी जन्मतिथि अलग-अलग बताई गई थी. मार्कशीट में पटवारी की जो जन्मतिथि दर्ज है वह 25 जनवरी 1973 है जबकि विधानसभा और विधानसभा चुनाव के लिए भरे गए शपथ पत्र में उनके द्वारा अपनी जन्मतिथि 19 नवंबर 1974 बताया गया है. यही जन्म तिथि विधानसभा के रिकॉर्ड में भी दर्ज है.

 

दस्तावेजों में जीतू पटवारी की तीन अलग-अलग जन्मतिथि सामने आई

इस बीच अब जीतू पटवारी का मतदाता परिचय पत्र भी सामने आया है जिसमें उनकी अलग डेट ऑफ बर्थ लिखी गई है. इसमें जन्मतिथि 19 नवंबर 1973 दर्ज है, जो गलत बताई जा रही है. इधर इस मामले में राजनीतिक तौर पर कहा जा रहा है कि संभवत: जीतू पटवारी द्वारा ऐसा युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए किया गया क्योंकि उस दौरान अध्यक्ष बनने की पात्रता आयु 35 वर्ष की थी जबकि पटवारी 2008 में 35 वर्ष की आयु सीमा पूर्ण कर चुके थे.

 

लिहाजा उन्होंने अपनी मूल जन्म तिथि के स्थान पर 19 नवंबर 1974 वाली जन्मतिथि का उपयोग किया. हालांकि इसके बाद भी उन्होंने 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भरे गए शपथ पत्र में भी इसी डेट ऑफ बर्थ का उपयोग किया.

 

गलत जन्म तिथि को बाद में सुधारा गया

इधर इस मामले में ईटीवी भारत से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा, पहले गलती से नॉर्मल डेट लिखवा दी थी. बाद में रिकॉर्ड देखकर पता चला तो अस्पताल से रिकॉर्ड निकलवा कर तारीख में संशोधन कराया है. उन्होंने कहा, मेरी असली डेट ऑफ़ बर्थ 25 जनवरी 1973 ही है अन्य स्थानों पर जहां गलत डली है उसमें भी सुधार किया गया है जहां तक आरोपी का सवाल है तो राजनीतिक तौर पर विरोध करने वाले इस तरह के मामले उछलते हैं हालांकि जब मौका पड़ेगा इसका जवाब दिया जाएगा.

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