MP में बड़ा फैसला: पचमढ़ी नगर होगा अभ्यारण्य से अलग, कैबिनेट की मंजूरी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार की कैबिनेट मीटिंग खत्म हो चुकी है. ये बैठक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई थी. बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बड़े फैसलों को लेकर जानकारी दी. चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कई नए आयामों में दो-तीन सालों से माहौल बनाया गया है. जिसके कारण मध्य प्रदेश निवेश का डेस्टिनेशन बनने में सफल हुआ है।
सेवा भारती के माध्यम से 34 कमरे 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था
सेवा भारती के माध्यम से लगभग 34 कमरे 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की है. यह योजना काफी लंबे समय से प्रस्तावित थी. कैबिनेट मंत्री ने बताया कई सांस्कृतिक गतिविधियां हुईं. महाकाल महोत्सव आयोजित हुआ. खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन हुआ. कई योजनाओं को स्वरूप देने की चर्चा हुई है. पिछले साल पचमढ़ी के अंदर पचमढ़ी नगर को लेकर फैसला लिया गया था. इसके बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर समस्या आई. विकसित क्षेत्र का परिवर्तन किया गया है. फिर से अनुमोदन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से पचमढ़ी के विकास का नए सिरे से परेड, पचमढ़ी पर्यटन का आगे भविष्य बना है. टाइगर रिजर्व की जनसंख्या मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है. हालांकि टाइगर रिजर्व बफर जोन के अंदर भी कई घटनाएं आई हैं. सुरक्षित करने के लिए 390 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है।
जल संसाधन विभाग की दो बड़ी पूर्व परियोजनाएं मंजूर
जल संसाधन विभाग की दो बड़ी पूर्व परियोजनाओं को स्वीकृत किया गया है. दवा परियोजना दाई तरफ बागरा शाखा ड्रिप इरीगेशन के माध्यम से सुहागपुर बाबई दो तहसील को लिफ्ट करके पानी दिया जाएगा. पिपरिया शाखा सुहागपुर तहसील को पानी दिया जाएगा, जिससे 4200 हैकटेयर सिंचाई होगी. नरसिंहपुर जिले में 71% हैं. वहां पर सिंचाई का रखवा 80-81% बढ़ जाएगा. मुख्यमंत्री की मंशा है कि खेती में जहां पर सिंचाई की जरूरत है वहां की जाए. 200 से अधिक करोड़ की परियोजना है. विभिन्न विभागों की 15 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है. 5 साल पूरे होने पर क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई है. मुख्यमंत्री कृषक योजना को 500 करोड़ केंद्र से भी अनुदान मिलता है।
राजस्व विभाग के राजस्व और ऑफिस को सुधारा जाएगा
बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विदेश आने-जाने का खर्च सरकार उठाती रहेगी. निवेश योजना का पिछड़ा वर्ग के युवाओं को फायदा मिलेगा. पहले जापान में युवाओं को भेजने था. अब किसी भी देश में जाना चाहते हैं तो उसे आने-जाने का खर्च राज्य शासन की तरफ से किया जाएगा. इसमें 500 बच्चे हर साल जाएंगे, इसमें 45 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।
