लोक निर्माण विभाग में बड़ा घोटाला, बिना काम करोड़ों का भुगतान

भोपाल। लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक बड़ा घोटाला सामने आया है. नर्मदापुरम संभाग में एक ठेकेदार कंपनी द्वारा बिना काम किए करोड़ों रुपए का भुगतान लेने का मामला उजागर हुआ है. अधीक्षण यंत्री की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की गई, लेकिन मुख्य अभियंता स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

तय मानकों के अनुसार नहीं हुआ काम

बालाघाट की यूएस इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को नर्मदापुरम में करीब 14.24 करोड़ के पांच सड़क निर्माण कार्य दिए गए थे. आरोप है कि कंपनी ने एक भी काम तय मानकों के अनुसार पूरा नहीं किया, लेकिन इसके बावजूद करीब 80% यानी लगभग 10 करोड़ का भुगतान उठा लिया. मौजूदा अधीक्षण यंत्री योगेंद्र कुमार ने शिकायत मिलने पर पांचों कार्यों की जांच कराई. जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं. रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने पूर्व इंजीनियरों से मिलीभगत कर बिना काम के ही बिल लगाकर भुगतान ले लिया अधीक्षण यंत्री ने मुख्य अभियंता संजय मस्के को पत्र लिखकर कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने और भुगतान की राशि की वसूली या कार्य दोबारा कराने की अनुशंसा की।

कार्रवाई के बजाय मामला ठंडे बस्ते में

गंभीर आरोपों के बावजूद मुख्य अभियंता स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. जैसे ही यह मामला सामने आया, उच्च स्तर पर शिकायतें पहुंचीं और विभाग में हड़कंप मच गया।

इन कामों में हुआ भुगतान

  • मालखेड़ी-रायपुर रोड: ₹3.71 करोड़ का ठेका, ₹2.01 करोड़ भुगतान
  • इटारसी-नर्मदापुरम रेसल रोड: ₹1.61 करोड़ का ठेका, ₹51 लाख भुगतान
  • गुराडिया-मिलरिया रोड: ₹2.28 करोड़ का ठेका, ₹1.54 करोड़ भुगतान
  • अन्हाई-जमुनिया रोड: ₹4.16 करोड़ का ठेका, ₹3.51 करोड़ भुगतान
  • अन्य कार्यों में भी भुगतान, जबकि मौके पर काम अधूरा पाया गया

मुख्य अभियंता पर पहले भी लगे आरोप

इस मामले में पेंच इसलिए भी फंसा है क्योंकि मुख्य अभियंता संजय मस्के पर पहले भी कंपनी से मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं. छिंदवाड़ा के विकास गुप्ता ने जनवरी 2025 में शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था कि यूएस इंफ्रा प्रोजेक्ट को 2024-25 में करीब ₹16 करोड़ से अधिक के ठेके मिलीभगत से दिलाए गए. उन्होंने लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू से जांच की मांग करते हुए अपनी जान को खतरा भी बताया था।

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