गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में 12 दिवसीय सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नवयुवाओं में उद्यमशील सोच को विकसित करना, स्वरोज़गार के अवसरों की पहचान कराना तथा नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद से डॉ. सुनील शुक्ला उपस्थित रहे। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने विशिष्ट वक्ता के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर आलोक चक्रवाल ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सौराष्ट्र विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. नीलांबरी दवे उपस्थित थे। उक्त कार्यक्रम की संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की विश्वविद्यालय ईकाई संयोजक प्रो. सीमा राय, सलाहकार प्रो. अनुपमा सक्सेना एवं कार्यक्रम समन्वयक विश्वविद्यालय इन्क्यूबेशन सेंटर तथा एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. आलोक कुमार सिंह कुशवाहा इस अवसर पर उपस्थित थे।  उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और जोखिम लेने की क्षमता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप संस्कृति, स्थानीय संसाधनों पर आधारित सूक्ष्म उद्यम तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से जोड़ने पर बल दिया। डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने अपने संबोधन में वर्तमान शिक्षा प्रणाली में उद्यमिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला नागरिक तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, समस्या-समाधान आधारित सीख और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कुलपति महोदय ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को उद्यमशील बनने के लिए आवश्यक मंच, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम छात्रों को स्वरोज़गार एवं स्टार्टअप की दिशा में ठोस कदम उठाने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सूक्ष्म उद्यमिता, व्यवसाय योजना निर्माण, वित्तीय साक्षरता, सरकारी योजनाओं एवं बाजार से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शोधार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने अतिथियों, प्रतिभागियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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