लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना पड़ी भारी, मुजफ्फरपुर नगर थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर नगर थानाध्यक्ष को लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना भारी पड़ गई और उनके खिलाफ वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। खबर है कि मुजफ्फरपुर के नगर थानाध्यक्ष को उनके पद से हटाते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन पर कार्यों में घोर शिथिलता, मनमानी और वरीय अधिकारियों सहित न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरी कार्रवाई की वजह भूमि विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला है, जो उच्च न्यायालय में लंबित था। जानकारी के अनुसार, इस मामले में न्यायालय ने कुछ विशिष्ट निर्देश जारी किए थे, जिनका अनुपालन नगर थानाध्यक्ष द्वारा समय सीमा के भीतर किया जाना था। लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा इन आदेशों की अनदेखी की गई। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पटना हाईकोर्ट ने अपनी स्पष्ट अप्रसन्नता जाहिर की। न्यायालय की इस तल्ख टिप्पणी को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया और मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01), मुजफ्फरपुर ने विस्तृत जांच की। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के आचरण को अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का परिचायक माना गया। रिपोर्ट के आधार पर तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) चंदन कुशवाहा के अनुमोदन के उपरांत, एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, मुजफ्फरपुर वापस (लाइन हाजिर) बुलाने का पत्र जारी कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
