रैगिंग के चक्कर में नप गए ‘शहजादे’, 3 छात्र हॉस्टल से बाहर, 4 सस्पेंड

ग्वालियर: आर्यभट्ट हॉस्टल में एक के बाद एक रैगिंग के मामलों में कार्रवाई के नाम पर किरकिरी झेल रहे जीवाजी यूनिवर्सिटी ने आखिरकार बड़ी कार्रवाई कर दी है. शनिवार को हुई छात्र से मारपीट के मामले में यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार शाम दोषी छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया है. इससे पहले 3 आरोपी छात्रों को सजा के तौर पर एक इंटरनल एग्जाम से वंचित किया गया था.
एंटी रैगिंग कमेटी ने उठाया सख्त कदम
पूरा मामला यह है कि ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में आर्यभट्ट हॉस्टल के छात्र सुधांशु अस्थाना के साथ शनिवार को रैगिंग हुई थी. इसमें उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई थी. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच की तो मामला सही पाया गया. कमेटी ने दोषी पाए गए 3 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित और 4 छात्रों को यूनिवर्सिटी से 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है.
शनिवार को हुई थी छात्र से रैगिंग मारपीट
शनिवार को ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी के छात्र सुधांशु अस्थाना ने यूजीसी, एंटी रैगिंग कमेटी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड यूनिवर्सिटी प्रबंधन से शिकायत की थी. जिसमें उसने बताया था कि "विश्वविद्यालय कैंपस के सेमिनार हॉल में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान आर्यभट्ट हॉस्टल के ही फार्मेसी छात्र आनंद चतुर्वेदी, अनंत प्रताप सिंह, हिमांशु शुक्ला, सौरभ गुर्जर, निखिल कुशवाह, गौरव जाट और सौरभ तिवारी ने उसके साथ भोजन को लेकर मारपीट की थी. साथ ही उसकी रैगिंग लेते हुए उसे उनके हिसाब से रहने की चेतावनी भी दी थी. इस घटना की शिकायत पीड़ित छात्र ने लिखित में की थी."
3 छात्र हॉस्टल से निष्कासित, 4 सस्पेंड
मामले की जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर एंटी रैगिंग कमिटी ने इन 7 आरोपी छात्रों को दोषी माना और कार्रवाई करते हुए कमेटी ने आरोपी आनंद चतुर्वेदी, अनंत प्रताप सिंह और हिमांशु शुक्ला को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आर्यभट्ट हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है. वहीं सौरभ गुर्जर, निखिल कुशवाह, गौरव जाट और सौरभ तिवारी को परीक्षा तिथियों को छोड़कर 15 दिवस के लिए संस्थान से निलंबित कर दिया है.
हॉस्टल में बाहरी लोगों का प्रवेश पूर्ण प्रतिबंधित
शनिवार को यूनिवर्सिटी के कुलसचिव और एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा आर्यभट्ट हॉस्टल में निरीक्षण किया गया. इस दौरान कमेटी के आगे यह बात सामने आई थी कि हॉस्टल में संस्थान के अलावा बाहरी लोगों की भी आवाजाही है, जिस पर भी एंटी रैगिंग कमेटी ने आर्यभट्ट हॉस्टल परिसर में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बावजूद कोई बाहरी छात्र हॉस्टल में प्रवेश करता पाया गया, तो मामला सीधे पुलिस को सौंपा जाएगा.
'आगे भी हुआ नियमों का उल्लंघन तो होगी कठोर कार्रवाई'
मामले को लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी और समन्वयक डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौर का कहना है, "ये कार्रवाई विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है. विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है या रैगिंग जैसे कृत्य करते पाया जाता है, तो ऐसे छात्रों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी."
