साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस: कई लोग पूछताछ के दायरे में

जोधपुर|राजस्थान की चर्चित आध्यात्मिक हस्ती साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को और तेज करते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। जोधपुर एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में गठित यह SIT पूरे मामले की हर एंगल से गहन जांच कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र अब भी वह ‘इंजेक्शन’ बना हुआ है, जिसे लगने के कुछ ही देर बाद साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।रविवार को SIT ने मामले से जुड़े कई अहम लोगों से लंबी पूछताछ की। इससे पहले 1 फरवरी 2026 को SIT टीम साध्वी प्रेम बाईसा के जोधपुर स्थित आश्रम भी पहुंची थी, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश भी खुद आश्रम पहुंचे और जांच की प्रगति की समीक्षा की।

इंजेक्शन एंगल जांच का मुख्य बिंदु

एसीपी छवि शर्मा ने रविवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल जांच का फोकस उसी इंजेक्शन पर है, जिसे लगाए जाने के कुछ समय बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा की हालत गंभीर हो गई थी। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इंजेक्शन किसने लगाया, किस दवा का इस्तेमाल हुआ और क्या वह चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित थी या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि इंजेक्शन लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था।

पिता वीरमनाथ आश्रम पहुंचे, हुई पूछताछ

SIT के गठन के बाद रविवार को साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ भी अपने गांव से जोधपुर आश्रम पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से नहीं बुलाया था, बल्कि पुलिस टीम के आश्रम आने की सूचना मिलने पर वे स्वयं यहां पहुंचे। वीरमनाथ से पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को बताया कि साध्वी की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसके बाद क्या-क्या हुआ।पुलिस सूत्रों के अनुसार, साध्वी के पिता से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। उनसे उस दिन की गतिविधियों, आश्रम में मौजूद लोगों और इलाज से जुड़ी जानकारियां ली गईं।

इन लोगों से हुई पूछताछ

SIT ने इस मामले में सबसे पहले कंपाउंडर देवी सिंह से पूछताछ की, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में है। देवी सिंह से इंजेक्शन से जुड़े तथ्यों, दवा के स्रोत और लगाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए गए। इसके अलावा आश्रम के सेवादार सुरेश से भी लंबी पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि साध्वी की तबीयत बिगड़ने के समय सुरेश की क्या भूमिका थी।इसके साथ ही साध्वी प्रेम बाईसा के मामा गंगाराम से भी पूछताछ की गई है। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि आज उन सभी लोगों से पूछताछ की गई, जो उस समय मौके पर मौजूद थे, जब साध्वी की तबीयत अचानक खराब हुई। उनसे यह भी जानकारी ली जा रही है कि किन परिस्थितियों में साध्वी को अस्पताल ले जाया गया और इलाज में कितना समय लगा।

वायरल वीडियो और ब्लैकमेलिंग एंगल भी जांच में

SIT ने साफ किया है कि जांच केवल इंजेक्शन तक सीमित नहीं है। पुलिस उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कुछ समय पहले साध्वी प्रेम बाईसा का एक वीडियो वायरल किया था। आशंका जताई जा रही है कि इस वीडियो के जरिए साध्वी को ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई थी। इस एंगल से जुड़े सभी तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।पुलिस ने परिवार के सदस्यों और कुछ अन्य संबंधित लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। सभी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था।

मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल तथ्यों का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जांच जारी है और अन्य लोगों से भी पूछताछ की जानी बाकी है।

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