श्री राम कथा सत्य, त्याग और धर्म का संदेश देती है: कविता किशोरी जी

 ग्वालियर/ भिण्ड 6 फरवरी :- बेंदी पुरा सरकर धाम मंदिर परिसर,ग्राम बेंदी पुरा,विधान सभा क्षेत्र अटेर, जिला भिण्ड, में एक दिवसीय राम कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचक सुश्री कविता किशोरी जी बिंद्रावन धाम ,उत्तरप्रदेश के मुखारविंद से हुई श्रीराम कथा मे एक दिवसीय राम कथा का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि एक दिवसीय राम कथा में मुख्य रूप से भगवान श्री राम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, और भक्ति के प्रसंगों को सुनाया जाता है, जैसे केवट संवाद या भरत मिलाप। यह कथा सत्य, त्याग, और धर्म के पालन की प्रेरणा देती है, जो आज के जीवन में भी अत्यंत प्रासंगिक है। यह भक्ति और शांति का अनुभव कराती है। जब प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ वनवास के दौरान गंगा तट पर पहुंचते हैं, तब उन्हें पार करने के लिए एक केवट की आवश्यकता होती है। केवट, प्रभु राम की चरण धूल की महिमा जानता था। वह तुरंत नाव में नहीं बैठाता, बल्कि कहता है कि प्रभु के चरणों की धूल से मेरी नाव नारी (अहिल्या) बन जाएगी, और यह मेरी जीविका का एकमात्र साधन है। केवट प्रभु के चरण धुलवाने की जिद करता है, क्योंकि उसे विश्वास था कि इसी बहाने उसके जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाएंगे।

प्रभु  राम जी, केवट की निश्चल भक्ति देखकर मुस्कुराते हैं और उसे पैर धोने की अनुमति देते हैं। भगवान, भक्त के प्रेम के वशीभूत हो जाते हैं। यह प्रसंग सिखाता है कि भगवान केवल भाव और प्रेम के भूखे हैं, और सच्चा भक्त ईश्वर से कुछ मांगने के बजाय केवल उनकी सेवा करना चाहता है। आज की कथा में मुख्य अथिति (मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य) अशोक जैन ने ब्यास पीठ एंव रामायण जी,का माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मौजूद संतश्री हरीओम जी महाराज से आशीर्वाद लिया,एंव मंदिर परिसर मे श्री राम दरबार ,श्री भोलेनाथ जी, श्री हनुमान जी महाराज, श्री माता दुर्गा जी की विधिवत पूजा अर्चना की,।व्यास गद्दी से उपस्थित भक्त गणों को राम कथा सुनाते हुऎ सुश्री कविता किशोरी जी ने विस्तार से बिंदुवार बताया कि भगवान श्री राम ने जीवन भर नैतिकता का पालन किया। मंदिर परिसर पर एक दिवसीय आयोजित राम कथा शैलेन्द्र सिंह राजपूत, लोकेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पूरन सिंह कुशवाहा,बजरंग सिंह लोधी,मुनेंद्र सिंह, संग्राम सिंह, सरपंच संजय सिंह नरवरिया, हाकिम सिंह राजपूत, कोमल सिंह कुशवाहा, वासुदेव सिंह कुशवाहा( गोहद), नाथू सिंह राजपूत, विनोद सिंह राजपूत, कल्याण सिंह लोधी, सत्यनारायण सिंह नरवरिया, भानु प्रताप सिंह,केशव सिंह नरवरिया,भिकम  सिंह नरवरिया,नेतसिंह,सत्यभान सिंह, बीरबल सिंह लोधी,राकेश सिंह नरवरिया ,आदि ने राम कथा मे सक्रिय भागीदारी निभाई।

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