पुरानी दिल्ली के 100 थोक बाजारों के कारोबारी हुए एकजुट, रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ मोर्चा

 नई दिल्ली|पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में अवैध रेहड़ी-पटरी, अतिक्रमण और जाम को लेकर करीब 100 व्यापारी संगठन एकजुट हो गए हैं। इस मुद्दे पर मंगलवार शाम चांदनी चौक स्थित दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के ऑफिस में व्यापारियों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई। इस बैठक में चांदनी चौक, खारी-बावली, लाइट मार्केट, कपड़ा मार्केट, साड़ी मार्केट, सदर बाजार क्षेत्र के कई बाजारों के व्यापारी पहुंचे। बैठक में व्यापारियों ने इन समस्याओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध करने का निर्णय लिया है। अब 4 फरवरी को व्यापारी संगठन सदर बाजार में शांति मार्च निकालकर विरोध जताएंगे।व्यापारियों ने कहा कि अवैध रेहड़ी-पटरियों और अतिक्रमण के कारण व्यापार ठप होता जा रहा है। वर्षों से सरकार को विभिन्न टैक्स देने वाले दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अतिक्रमण और जाम के कारण दूसरे शहरों से आने वाले खुदरा व्यापारियों ने आना कम कर दिया है। इसकी वजह से पड़ोसी शहरों में नए व्यापारिक ठिकाने विकसित होने लगे हैं।

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व्यापारियों ने कहा कि न सिर्फ दुकानदारों को बल्कि ग्राहकों और यात्रियों को भी भारी असुविधा हो रही है। पुरानी दिल्ली के बाजारों में आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी बाधित हो रही है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे।दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान बंसल ने बताया कि शांति मार्च से पहले व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) कमिश्नर और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलकर वार्ता करेंगे। इसके बाद 4 फरवरी को मार्च निकालेंगे। इसके बावजूद भी अगर कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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इसलिए बढ़ रही नाराजगी

● पूर्व में सांसद प्रवीन खंडेलवाल के साथ दो चरणों में इन्हीं मुद्दों को लेकर बैठक होने के बावजूद नहीं हुआ समाधान
● विधानभा चुनाव में भी इन मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों ने दिया था कार्रवाई का आश्वासन
● अतिक्रमण, जाम और अवैध पटरी दुकानों की वजह से घट रहा दुकानदारों का कारोबार
● अन्य राज्यों से आने वाले खुदरा दुकानदार दिल्ली के बजाय अब पानीपत, सोनीपत, मेरठ, राजस्थान के बाजारों में करने लगे रुख
● पुरानी दिल्ली के करीब 2 लाख से ज्यादा व्यापारी हो रहे प्रभावित
● अवैध पटरी, अतिक्रमण और जाम बाजारों की सबसे बड़ी समस्या

क्या बोले व्यापारी नेता

परमजीत सिंह पम्मा, अध्यक्ष, बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, ''सदर बाजार में अवैध पटरियों, अतिक्रमण और जाम की वजह से बुरा हाल है। जाम की वजह से हेल्थ इमरजेंसी में दुकानदारों को एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं मिल पाती। कई दुकानदारों के साथ ऐसा हो चुका है। इसकी वजह से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।''श्रीभगवान बंसल, महासचिव, डीएचएमए, ''दुकानदार करोड़ों की दुकान खरीदकर, जीएसटी और टैक्स देता है। इसके बावजूद दुकानदारों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। दूसरी तरफ, हजारों की संख्या में अवैध पटरी वाले बिना इनकम टैक्स दिए काम कर रहे हैं।''राजेंद्र कपूर, व्यापारी नेता, ''पुरानी दिल्ली के सभी बाजारों की समस्याएं लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बावजूद विभागीय अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मजबूरी में व्यापारियों को आंदोलन की राह पर उतरना पड़ रहा है।''

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