साढ़े सात साल पहले दहेज की मांग से परेशान विवाहिता ने कर ली थी आत्महत्या….

दिल्ली। साढ़े सात साल पहले फांसी लगाकर विवाहिता के आत्महत्या करने के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पति को दहेज हत्या के लिए दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पंकज अरोड़ा के कोर्ट ने दोषी को हिरासत में लेने का आदेश दिया है। सजा पर बहस अगली सुनवाई पर होगी।

अभियोजन के मुताबिक, 28 नवंबर 2014 को शाम 4:45 बजे करावल नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शिव विहार ब्लाक-ओ फेज-चार गली नंबर-नौ के एक मकान में महिला ने फांसी लगा ली है। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पाया की मकान के भूतल पर कमरे में लक्ष्मी मृत पड़ी हुई थी। पुलिस टीम ने यह भी देखा कि छत के पंखे पर साड़ी का बना हुआ फंदा लटका हुआ था।

2 दिसंबर 2008 को हुई थी शादी 

उस वक्त मृतका की मां राजबाला ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी की शादी 2 दिसंबर 2008 को सत्य प्रकाश से हुई थी। शादी के वक्त सत्य प्रकाश के परिवार ने दहेज की मांग नहीं की थी। लेकिन शादी के बाद सत्य प्रकाश उनकी बेटी से दहेज के रूप में एक लाख रुपये की मकनग करने लगा और नौकरी करने के लिए दबाव बनाने लगा था। यही नहीं वह उनकी बेटी को पीटता था। इन दोनों के दो बच्चे भी हैं।

इस मामले में कोर्ट ने पाया की साक्ष्य और गवाहों के बयान से सत्य प्रकाश पर लगे आरोप साबित होते हैं। जिसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए हिरासत में लेने का आदेश पारित कर दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।

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