वसुंधरा राजे पहुँचीं बागेश्वर धाम, कहती हैं: “यहां की शक्तियां लोगों को आकर्षित करती हैं”

छतरपुर : राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की वरिष्ठ नेत्री वसुंधरा राजे बागेश्वर धाम पहुंची. यहां राजस्थान की पूर्व सीएम ने बालाजी हनुमान जी के दर्शन किए और पं धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान उन्होंने धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा और महिमा को नजदीक से महसूस किया. धाम में प्रवास के दौरान वसुंधरा राजे ने लगभग 700 मीटर लंबी परिक्रमा भी की, जो यहां बेहद अहम मानी जाती है.

वसुंधरा राजे ने जानी संन्यासी बाबा की महिमा

धाम पर पं धीरेंद्र शास्त्री ने दादा गुरुदेव का चित्र, हनुमान जी व साधु जी सीताराम पुस्तक भेंट की. वहीं वसुंधरा राजे ने पीतांबरा माई के दर पर सिंदूर और प्रसाद भेंट किया. धाम पर बाबा बागेश्वर व राजस्थान की पूर्व सीएम के बीच करीब आधा घंटे तक विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा होती रही. वहीं धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री को बागेश्वर धाम की महिमा, सन्यासी बाबा की तपस्या, अत्यंत प्राचीन बागेश्वर महादेव के मंदिर की महिमा को विस्तार से समझाया.

बताई बागेश्वर महादेव की मान्यता

उन्हें यह भी बताया गया कि यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति और विश्वास का जीवंत प्रतीक है. पूर्व सीएम को बागेश्वर महादेव मंदिर की उस मान्यता के बारे में भी बताया गया जिसमें कहा जाता है कि भगवान शिव अपने मंदिर में कृत्रिम रोशनी का उपयोग नहीं करने देते क्योंकि यहां दिव्य ऊर्जा स्वयं प्रकाश का कार्य करती है. श्रद्धालु इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देखते हैं. कुल मिलाकर यह आस्था, परंपरा और आधुनिक जनजीवन के बीच एक अद्भुत संतुलन को दर्शाता है.

यहां की शक्तियां लोगों को खींच लाती हैं : वसुंधरा राजे

बागेश्वर धाम एक ऐसा तीर्थ है जहां एक ओर राजनीतिक हस्तियां आध्यात्मिक शांति की तलाश में पहुंचती हैं तो वहीं दूसरी ओर देशभर के सिद्ध संतों और महात्माओं के साथ ही आम जनमानस की श्रद्धा इस धाम को निरंतर ऊर्जा प्रदान करती है. इससे पहले राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने टावर स्थित हाईवे पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का भव्य स्वागत किया. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा, '' इससे पहले बागेश्वर महाराज से राजस्थान की श्री हनुमंत कथा में भेंट की थी. इसके बाद पहली बार बागेश्वर धाम आई हूं और यहां की आस्था, यहां की शक्तियां, लोगों को अनायास ही खींच कर ले आती है.''

 

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