राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, 23 जनवरी को 10 जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट
जयपुर |राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (WD) के सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। यह सिस्टम 22 जनवरी से असर दिखाना शुरू करेगा, जबकि 23 जनवरी को इसका प्रभाव और तेज होने की आशंका है। इस दौरान पहले 6 और फिर 10 जिलों में मौसम बिगड़ सकता है। सिस्टम के गुजरने के बाद प्रदेश में फिर से तेज सर्दी और घने कोहरे का दौर शुरू होने के संकेत हैं।
22 और 23 जनवरी को रहेगा सिस्टम का असर
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 22 जनवरी को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों और पूर्वी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में आंधी-बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 23 जनवरी को सिस्टम और मजबूत होगा, जिससे करीब 10 जिलों में मौसम का असर पड़ने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
इन संभागों पर ज्यादा असर
विभाग का कहना है कि बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। वहीं पहले दिन यानी 22 जनवरी को जोधपुर संभाग के कुछ जिलों में भी बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सिस्टम के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा और दिन के समय ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि इस सिस्टम के प्रभाव से कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। खासतौर पर उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में बादल बनने की स्थिति मजबूत रहने पर ओले गिर सकते हैं। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि जिन इलाकों में पहले से सरसों, चना और गेहूं की फसल खड़ी है, वहां विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कोहरे से गिरा पारा, सर्दी बढ़ी
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के आने से पहले ही प्रदेश में कोहरे ने ठंड बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इसका असर तापमान पर साफ दिखाई दिया। मंगलवार को जयपुर, चूरू, पिलानी, सीकर, फतेहपुर, करौली, दौसा और अलवर में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर को छोड़कर इन सभी शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में रिकॉर्ड हुआ।
पाली रहा सबसे ठंडा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका पाली का क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू, सीकर और फतेहपुर जैसे शेखावाटी क्षेत्र के शहरों में भी कड़ाके की सर्दी का असर देखा गया। सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी भी काफी कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
दिन में भी सर्दी का असर
कोहरे और बादलों की वजह से दिन के तापमान पर भी असर पड़ा है। मंगलवार को प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर जैसे शहरों में भी दिन के समय धूप कमजोर रही, जिससे ठंड का अहसास बना रहा।
सिस्टम के बाद बढ़ेगी सर्दी
मौसम विभाग का अनुमान है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के गुजरने के बाद उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। इसके चलते राजस्थान में एक बार फिर न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। साथ ही रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।कुल मिलाकर अगले कुछ दिन राजस्थान के लिए मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं, जहां पहले आंधी-बारिश और ओले परेशानी बढ़ा सकते हैं, तो उसके बाद कड़ाके की सर्दी और कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगा
