अगर आपने भी अपनी ज्वैलरी बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा है तो जान लें ये जरूरी बात!

हम में से बहुत सारे लोग बैंक लॉकर में अपनी महंगी ज्वैलरी और सामान रखते हैं। इसकी बड़ी वजह है कि बैंक लॉकर में रखा सामान घर के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित होता है। लेकिन, क्या आपको पता है कि लॉकर में से सामान चोरी हो जाने पर बैंक इसकी गारंटी नहीं देते हैं। बैंकों का इसके पीछे तर्क होता है कि उसे लॉकर में रखे सामान की जानकारी नहीं होती है। इसलिए वह रखे सामान की गारंटी नहीं दे सकता है। एक क्षण के लिए यह जानकार आप चिंतत हो सकते हैं लेकिन, परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप बैंक लॉकर का बीमा कराकर पूरी तरह से चिंता से मुक्त हो सकते हैं। पेश है एक रिपोर्ट।
तेजी से बढ़ी है चोरी की घटना
देशभर में बैंक लॉकर से चोरी की घटना बढ़ी है। मुंबई में एक साल पहले कुछ चोरों ने बैंक में सुरंग बनाकर करीब 30 लॉकरों को साफ कर दिया था। इसी तरह के मामले देश के कई अन्य हिस्सों से भी सामने आ चुके हैं। इसको देखते हुए बीमा कंपनियों ने बैंक लॉकर में रखे सामान और ज्वैलरी का बीमा देना शुरू किया है। बीमा कंपनियां इसकी पेशकश ‘बैंक लॉकर प्रोटेक्टर पॉलिसी’ के तौर पर कर रही हैं।
महंगी वस्तुओं की सूची बतानी होगी
बैंक लॉकर का बीमा लेने के लिए आपको बीमा कंपनी को उसमें रखे महंगी वस्तुओं की सूची बतानी होगी। उनके मूल्य को बताने की जरूरत नहीं होगी। मूल्य बताने की जरूरत तभी होगी अगर बीमा की राशि 40 लाख रुपये से ज्यादा है। कंपनी की यह बीमा पॉलिसी दुर्घटना, चोरी, आतंकी वारदात या बैंक कर्मचारी की किसी गलती से हुए नुकसान को कवर करती है।
ये बीमा कंपनियां दे रही कवर
बैंक लॉकर का बीमा कराने की सुविधा टाटा एआईजी और इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनियां दे रही है। टाटा एआईजी अपने ग्राहकों को बैंक लॉकर या घर में रखे सोने की ज्वैलरी के साथ पहने हुए गहने का भी कवर मुहैया करा रही है। वहीं इफको टोकियो बैंक लॉकर में रखे ज्वैलरी और कीमती सामानों का भी बीमा कवर दे रही है। इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस की इस बीमा पेशकश के तहत आपको 300 रुपये 2500 रुपये का प्रीमियम चुकाना होगा। इसके तहत आपको तीन लाख रुपये से 40 लाख रुपये का कवर दिया जाएगा। इफाको टोकियो सिर्फ ज्वैलरी की ही नहीं बल्कि बल्कि जरूरी दस्तावेजों का भी बीमा कवर दे रही है। इसके तहत ज्वैलरी या कागजात खो जाने पर उसकी भरपाई बीमा कंपनी करेगी।
बीमा लेकर चिंता से मुक्त रहें
रीन्यूबाईडॉटकॉम के सह-संस्थापक , इंद्रनील चटर्जी के अनुसार, अगर बैंक लॉकर में बहुत ही जरूरी दस्तावेज, सामग्री या मूल्यवान ज्वैलरी है तो बीमा कवर ले लेना चाहिए। बैंक लॉकर का बीमा लेना काफी आसान है। इसके तहत आपको लॉकर में रखे सामान के कुल मूल्य की घोषणा करती है। इसके बाद बीमा कंपनी आपको कवर दे देती है। बीमा कवर का प्रीमियम भी बहुत अधिक नहीं है। यानी आप पूरी तरह से सुरक्षित हो जाते हैं। हालांकि, कई वित्तीय योजनाकारों का मानना है कि लॉकर से चोरी होने की संभावना बहुत कम होती है। इसलिए बीमा लेना जरूरी नहीं है। फिर भी यह जोखिम नहीं लेना चाहिए।
सालाना शुल्क भी देना होगा
बैंक लॉकर के लिए आपको फीस चुकानी पड़ती है। यह फीस साल में एक बार लगती है। फीस की रकम लॉकर की साइज पर निर्भर करती है। बड़े लॉकर पर ज्यादा फीस लगती है। सरकारी बैंक एक लॉकर के लिए सालाना 1,000 से 7,000 रुपये के बीच फीस लेते हैं। प्राइवेट बैंक 3,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच फीस लेते हैं। फीस की रकम इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप जिस शाखाज्वैलरी की सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस कंपनियां दो प्रकार की पॉलिसी ऑफर करती हैं। इसमें पहली है स्टैंडअलोन ज्वैलरी पॉलिसी, जो केवल ज्वैलरी का सुरक्षा कवर देती हैं। वहीं दूसरी है होम इंश्योरेंस पॉलिसी, जो कि पूरे घर को चोरी या दुर्घटना से कवर देती है। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार पॉलिसी का चयन कर सकते हैं। होम इंश्योरेंस पॉलिसी की अपनी सीमाएं हैं। होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत बीमा का कवर लेने पर अगर गहनों की चोरी हो जाती है, तो गहनों का पूरा वैल्यू नहीं मिल पाता है। यह केवल राइडर होता है। गहनों की पूरी सुरक्षा के लिए स्टैंडअलोन ज्वैलरी इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए। यह पॉलिसी ज्वैलरी को पूरा इंश्योरेंस कवर देता है। में लॉकर लेना चाहते हैं, वह कहां स्थित है।
घर में रखे गहने को सुरक्षित रखने का बेहतरीन विकल्प
बैंक लॉकर में रखा सोने का ज्वैलरी अधिक सुरक्षित होता है इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन आप अपने घर में रखे गहने को भी सुरक्षित उसका बीमा कराकर कर सकते हैं। कई बीमा कंपनियां घर में रखे ज्वैलरी की बीमा पॉलिसी उपलब्ध करा रही है।
दो प्रकार से ले सकते हैं बीमा
ज्वैलरी की सुरक्षा के लिए बीमा कंपनियां दो प्रकार की पॉलिसी मुहैया करती हैं। इसमें पहली है स्टैंडअलोन ज्वैलरी पॉलिसी, जो केवल ज्वैलरी का सुरक्षा कवर देती हैं। वहीं दूसरी है होम इंश्योरेंस पॉलिसी, जो कि पूरे घर को चोरी या दुर्घटना से कवर देती है। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार पॉलिसी का चयन कर सकते हैं। होम इंश्योरेंस पॉलिसी की अपनी सीमाएं हैं। होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत बीमा का कवर लेने पर अगर गहनों की चोरी हो जाती है, तो गहनों का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता है। गहनों की पूरी सुरक्षा के लिए स्टैंडअलोन ज्वैलरी इंश्योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए।
गहनों का मूल्यांकन है जरूरी
ज्वैलरी के लिए बीमा पॉलिसी लेने से पहले ज्वैलरी का बाजार मूल्य जरूर प्राप्त करें। आप अपने घर के पास की किसी जौहरी से गहनों का कुल कीमत लगवा सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर बीमा कंपनी दावा करते समय आपके गहनों का मूल्य कम लगा सकती हैं और आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कुल कीमत से ही प्रीमियम तय होगी
आम तौर पर ज्वैलरी इंश्यारेंस बहुत महंगा नहीं होता। बीमा कंपनियां ज्वैलरी के इंश्योरेंस कवर के लिए प्रीमियम उसके वेल्युएशन का 1 से 1.5 फीसदी तक तय करती हैं। मान लीजिए अगर आपकी ज्वैलरी का मूल्य  3  लाख रुपये है तो प्रीमियम 3,000 रुपए सालाना देना होगा। अगर, आप एक साथ और भी दूसरे सामान का कवर लेते हैं तो बीमा कंपनियां प्रीमियम में छूट भी देती हैं।
इन बातों का जरूर रखें ख्याल
ज्वैलरी के लिए पॉलिसी लेने से पहले उसके रिफंड के नियम अच्छी तरह से पढ़ लें। बीमा कंपनी के रिफंड की पॉलिसी क्या है, ज्वैलरी चोरी होने की सूरत में आपको क्लेम लेने के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनानी होगी, इसकी जानकारी प्राप्त कर लें। इसके बाद ही पॉलिसी लेने का निर्णय लें।

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