अब अस्पताल में बीमार बंदी का उपचार वाली दवायें एवं जांच भी लिखनी होंगी

भोपाल। प्रदेश के अस्पतालों में जब भी बीमार बंदी को इलाज हेतु लाया जाये तब उसके पर्चों में उपचार वाली दवायें और कराई जाने वाली जांच भी लिखना अनिवार्य होगा। इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। दरअसल राज्य मानव अधिकार ने सागर जिले के देवरी में पुलिस अभिरक्षा में बंद लीला आदिवासी की मृत्यु के मामले में संज्ञान लेकर जांच की थी। जांच में आयोग ने पाया कि जब लीला आदिवासी को इलाज के लिये अस्पताल लाया तो उसे बुखार था तथा डाक्टरों ने दवा बताई थी और मलेरिया की जांच कराने के लिये भी कहा था। परन्तु ऐसा नहीं किया गया जिससे न्यायालय में पेशी के दौरान लीला आदिवासी को खून की उल्टियां हुई और उसकी मृत्यु हो गई। आयोग की सिफारिश पर स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी करने पड़े हैं कि यदि किसी बंदी को अस्पताल इलाज हेतु लाया जाता है तो पृथक से ओपीडी पर्चा में उसकी दवायें, बीमारी एवं जांच लिखी जाये तथा उसकी टीप एमएलसी फार्म में भी लेख की जाये।
 

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