अब शराब तस्करों और पियक्कडों की खैर नहीं, सजा में तीन गुना वृद्धि

अहमदाबाद| गुजरात में अब शराब तस्करों और पियक्कड़ों की खैर नहीं है| शराब तस्करी या शराब के नशे में पकड़े गए तो 3 से 10 साल तक की सजा और पांच लाख रुपए तक का जुर्माना भरना होगा| गुजरात विधानसभा में सिगरेट और तम्बाकू की अन्य उत्पाद अधिनियम (COTPA) विधेयक 2019 पारित किया गया| जिसमें ई सिगरेट पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है और शराब पीने या हेराफेरी करने की सजा में तीन गुना वृद्धि की गई है| गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने बताया कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2017 में नशाबंदी अधिनियम में संशोधन कर कानून को कड़ा बनाकर शराब के उत्पादन, खरीद-बिक्री और तस्करी करने के मामलों की सजा में तीन गुना वृद्धि कर 10 की कैद और रु. 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है| शराब पीकर सरेआम दुर्व्यवहार करने के मामले में 3 साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया गया है| इसके अलावा ड्यूटी पर अधिकारी के काम में बाधा डालना, हमला करने के मामले में 5 वर्ष की कैद और रु. 5 लाख से कम नहीं का जुर्माने के प्रावधान किया गया है| उन्होंने बताया कि COTPA कानून संशोधन कर हुक्काबार को प्रतिबंधित कर 3 साल की कैद और रु. 50000 जुर्माने का प्रावधान है| अब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ई सिगरेट (ईएनडीएस यानी इलेक्ट्रानिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम) के उत्पादन, आयात, विज्ञापन, व्यापार और वितरण इत्यादि पर गुजरात में ऑनलाइन प्रतिबंध लगाने के लिए विधानसभा में COTPA संशोधन विधेय़क पेश किया गया| गृह राज्यमंत्री ने COTPA गुजरात संशोधन विधेयक 2019 पेश करते हुए कहा कि फिलहाल राज्य के युवाओं में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ई सिगरेट की लत बढ़ती जा रही है| उन्होंने कहा कि राज्य में ई सिगरेट पर प्रतिबंध नहीं होने के कारण यह सरलता से ऑनलाइन उपलब्ध होती है| अमेरिका के फूड एन्ड ड्रग्स मंत्रालय के नियमों के मुताबिक वहां 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग ही इसे खरीद सकते हैं| लेकिन भारत में ऑनलाइन या अन्य किसी प्रकार से ई सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं होने से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे भी इसे खरीद सकते हैं| ई सिगरेट की लत शारीरिक एवं आर्थिक रूप से बर्बाद कर देता है| ऐसी लत से युवाओं को बचाने के लिए राज्य सरकार ने कानून में कड़े प्रावधान किए हैं|
