अमानक सीमेंट फैक्ट्री पर क्राइम ब्रांच का छापा

भोपाल । क्राइम ब्रांच को सूचना मिली ब्रांडेड की खोली बोरी में खराब पुराना सीमेंट की पीसकर, सस्ते सीमेंट को ब्रांडेड बोरियों में भरकर, फुटकर बिक्री हेतु प्रतिबंधित सीमेंट को अल्ट्राटेक एवं महंगी एवं ब्रांडेड सीमेंट की बोरियोें में भकर आम जनता को ठगे जाने की शिकायत अक्सर मिल रही थी। इस शिकायतों से पर्यवेक्षक उपरांत उक्त कंपनियों से संपर्क पश्चात चिहिन्त किये गये स्थान पर फरियादी को हमराह लेकर उक्त स्थानों पर क्राईम ब्रांच द्वारा छापा डाला गया। प्रथम स्थान फैक्ट्री मालिक लाखन निवासी गांधी नगर के निर्मल भिटी मालीखेड़ी स्थित गोडाउन पर छापा मारा गया, जिसमें फैक्ट्री के कर्मचारी अमित भारती निवासी अयोध्या नगर जो कि अल्ट्राटेक सीमेंट की बोरियों में मिलावटी एवं अमानक सीमेंट का समावेश कर बैच रहा था। मौके से गिरफ्तार किया गया, नकली सीमेंट के संबंध में गोडाउन मालिक से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। द्वितीय वारदात में ममता धाकड़ निवासी इमलिया बायपास स्थित गोडाउन में छापा मारा गया। छापे के दौरान पप्पू धाकड़ नकली एवं अमानक सीमेंट को अल्ट्राटेक कंपनी की बोरियों में भरता हुआ एवं उक्त बोरियों को बेचता हुआ मौके पर मिला। जिसे अभिरक्षा में लिया गया। इस संबंध में फैक्ट्री मालिक से विस्तृत पूछताछ कर कार्यवाही की जा रही है। 
उक्त दोनों गोदामों पर मौक्े से अल्ट्राटेक एवं विभिन्न कंपनियों की सीमंेट की छपी हुई बोरिया जो कि अल्ट्राटेक कंपनी की फरियादी द्वारा नहीं होना बताया गया। प्रथम स्थान पर विभिन्न कंपनियों की 200 सीमेंट की खाली नई बोरियां, 35 भरी हुई बोरिया एवं द्वितीय स्थान से 700 खाली सीमेंट की बोरिया, एवं भरी 500 भरी सीमेंट की बोरिया, रेत छानने की छन्ने, वजन तौलने की मशीने, बोरियों में सीमेंट भरने की कुप्पिया, पुराने सीमेंट को कूटने के लिये दुर्मुट आदी सामग्री जब्त की गई। पकड़े गये आरोपियों द्वारा बताया गया कि पुराने सेट हुए सीमेंट को पीसकर, सस्ते दाम की सीमेंट का उपयोग कर, डस्ट को मिलाकर नई अल्ट्राटेक लिखी हुई बोरियों में भकर ग्राहकों को ब्रांडेड कंपनी की सीमेंट की कीमत से 5 से 10 रूपये का मूल्य कम करके बेंचा जाकर भारी मात्रा में लाभ कमाया जाता था। इस प्रकार के सीमेंट से आम जनता के मकानों में दराने व टूट फूट एवं अन्य कई प्रकार की समस्यायें होती थी, जिससे उन्हें अत्यधिक नुकसान होने की संभावना रहती है। 
उक्त घटनाक्रम के परीप्रेक्ष में धारा 63, 65, कापीराईट, अधिनियम, 1957, धारा 103, 104, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, धारा 420 भादवि की तहत कार्यवाही की जा रही है। 

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