आग से खाक हो रही गेहूं की फसल, कई जिलों में मचा कोहराम, जानें कैसे मिलेगा मुआवजा

लखनऊ. ऐसा लग रहा है जैसे उत्तर प्रदेश (UP News) पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. एक तरफ शहरों में कोरोना वायरस (Coronavirus) से आफत मची है, तो दूसरी तरफ गांवों में आग ने तबाही मचा रखी है. हर रोज सैकड़ों बीघे रबी की फसल आग में खाक हो रही है. अभी तक दर्जनों जिलों में सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल स्वाहा (Fire in Wheat Crop) हो चुकी है.
न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक, सिर्फ 10 अप्रैल को ही दस जिलों में आग से भारी क्षति पहुंची है. पश्चिम से लेकर पूरब तक के कई जिलों में किसानों की महीनों की मेहनत खाक हो रही है. ज्यादातर घटनाएं बिजली के तार टूटने की वजह से हो रही हैं.
तो सवाल उठता है कि आखिर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सही समय पर क्यों नहीं पहुंच पाती हैं. साथ ही जिन किसानों की फसल जलकर नष्ट हो गयी हैं उन्हें राहत कैसे मिलेगी. इस मामले पर न्यूज़ 18 ने कई अफसरों से बात की. फायर विभाग के एडीजी विजय प्रकाश ने बताया कि मुख्यालय की ओर से जिलों को सभी सुविधायें और मैनपावर मुहैया कराया जा चुका है. ऐसी घटनाओं पर तुरंत एक्ट करने के लिए जिलों को निर्देश भी भेजे जा चुके हैं.
बिजली से लगने वाली आग का ऐसे मिलता है मुआवजा
वहीं, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि जिस भी जिले में बिजली के तार से आग लगती है वहां जली फसल का मुआवजा विभाग देता है. जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट आती है और क्षति के आकलन के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है. इस बार भी घटना के तत्काल बाद रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये गये हैं.
आइए एक-एक करके जानते हैं कि किस जिले में हुआ कितना नुकसान…
सीतापुर में बिजली का तार टूटकर खेत में गिरने से गेहूं की फसल में आग लग गयी. इसमें 6 बीघा फसल जलकर नष्ट हो गयी. लहरपुर कोतवाली इलाके के मिश्रपुर गांव में खेत में लगी आग पर ग्रामीणों ने काबू पाया.
बहराइच में भी गेहूं की सैकड़ों बीघा फसल जलकर स्वाहा हो गयी. मोतीपुर थाना क्षेत्र के चौधरी पुरवा गांव में खेत में आग कैसे लगी ये पता नहीं चल सका है.
बुन्देलखंड के जालौन में भी आग से दो गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलकर नष्ट हो गयी. हैरानी की बात तो ये है कि तमाम प्रयासों के बाद जब दमकल कर्मी नहीं पहुंचे तो गांव वालों ने जैसे तैसे आग बुझायी. रामपुरा थाना क्षेत्र के बाबूपुरा व नावर गांव की घटना है. जालौन में आग की दूसरी घटना में 10 बीघे गेहूं की तैयार फसल जलकर खाक में मिल गयी.
मुरादाबाद में तो बिजली के लटकते तारों की वजह से आग लग गयी. कुन्दरकी थाना इलाके में हुए इस हादसे में भी गेहूं की फसल तबाह हो गयी. गनीमत ये रही कि फायर ब्रिगेड पहुंच गयी और आग पर काबू पा लिया गया.
संभल में तो भीषण आग में 4 घर जलकर खाक हो गये. अनुमान के मुताबिक, करीब 5 लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है. यह मामला गुन्नौर थाने के मैंदावली गांव की है.
हाई-प्रोफाइल जिले अमेठी में भी गेहूं की खड़ी फसल आग की भेंट चढ़ गयी. कमरौली थाना क्षेत्र के मधुपुर गांव में पुलिस के पहुंचने के बाद गांव वालों की मदद से आग बुझायी जा सकी.
फर्रुखाबाद में भी आग लगने से 50 बीघे गेहूं स्वाहा हो गया. दुखद स्थिति ये रही कि यहां भी सूचना के बाद दमकल कर्मी नहीं पहुचे. थक हारकर ग्रामीणों ने पम्पिंग सेट चलाकर आग बुझायी. घटना शमशाबाद क्षेत्र के सुल्तानगंज खरेटा की गंगा कटरी का है.
लखनऊ से सटे उन्नाव में भी गेहूं की फसल में भीषण आग लगी जिससे कई बीघे की फसल खाक हो गयी. पुरवा कोतवाली क्षेत्र के भिटौली गांव में किसान तबाह हो गये.
यूपी के अलीगढ़, हाथरस, एटा और आगरा में भी गेहूं की फसल में भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं.
यही नहीं, लखीमपुर खीरी में शॉर्ट सर्किट से मुर्गी फार्म में भीषण आग लग गयी. इसमें लगभग 10 हजार मुर्गियां जलकर मर गईं. फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के सिसोरा गांव में लगी आग पर ग्रामीणों ने ही काबू पाया.
