आजम के खिलाफ जमीन कब्जाने का मुकदमा

लखनऊ । प्रदेश के पूर्व मंत्री, मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर व रामपुर के नवनिर्वाचित सांसद आजम खां कोसी नदी की भूमि पर कब्जा करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। नायब तहसीलदार केजी मिश्रा की तहरीर पर आजम खां, जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आरए कुरैशी और यूनिवर्सिटी के सुरक्षा प्रभारी आले हसन खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच शुरू कर दी गई है। यह मुकदमा लोक संपत्ति अधिनियम और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में दर्ज कराया गया है। 
मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में आजम खां ने शासन को नौ नवंबर 2013 को प्रार्थना पत्र दिया था। इस आवेदन पर शासन के निर्देश पर राजस्व टीम का गठन कर जमीन की पैमाइश के लिए जौहर यूनिवर्सिटी में भेजा गया था। राजस्व विभाग की टीम 25 मई को जौहर यूनिवर्सिटी में जमीन की पैमाइश करने पहुंची थी। नायब तहसीलदार का आरोप है कि जमीन की पैमाइश करने पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। बाद में राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश पूरी कर ली थी और एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में यह कहा गया था कि आजम खां ने शासन से जो जमीन मांगी थी वह पहले से उनके कब्जे में है और उस पर आठ फीट ऊंची चहारदीवारी खड़ी कर ली गई है, जबकि यह जमीन राजस्व विभाग के नक्शे में जलमग्न जमीन नदी अंकित है जो सार्वजनिक उपयोग की जमीन है। नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि इस जमीन पर जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां, रजिस्ट्रार आरए कुरैशी और जौहर यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी आले हसन ने चहारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा कर लिया है। पैमाइश के दौरान सामने आया कि नदी की जमीन पहले से ही यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी के भीतर है। अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप इस जमीन का विनिमय नहीं किया जा सकता। ऐसे में जमीन को गलत तरीके से कब्जे में ले लिया है। नायब तहसीलदार केजी मिश्रा ने सांसद आजम खां, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार आरए कुरैशी एवं विविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी आले हसन खां के खिलाफ अजीमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

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