आतंकियों ने खोला मुंह तो ड्रोन को लेकर हुआ नया खुलासा, पाक ने पंजाब में इसी से भेजे थे हथियार

जर्मनी में बैठे आतंकी गुरमीत सिंह बग्गा और रंजीत सिंह नीटा के इशारे पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने ड्रोन के जरिए भारत में हथियार भेजे थे। इन सभी हथियारों को ड्रोन के जरिए तरनतारन के सरहदी गांव राजोके में उतारा गया था। यह खुलासा गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप सिंह और बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग ने किया है।
इसके बाद आकाशदीप सिंह और बलवंत सिंह पाकिस्तानी ड्रोन को कस्बा झब्बाल में 15 साल से बंद पड़ी लक्ष्मी राइस मिल लेकर आए और वहां पर ड्रोन को जलाने की कोशिश की। मिल से फोरेंसिक टीम और सुरक्षा एजेंसियों ने आकाशदीप की निशानदेही पर ड्रोन के जलाए हुए टुकड़े कब्जे में लिए गए थे। कोई चीज जलाने के बाद बची राख मिली है।

झब्बाल से खेमकरण रोड से 50 मीटर अंदर के रास्ते में लक्ष्मी राइस मिल स्थित है। 15 साल से बंद पड़ी इस मिल के मुख्य गेट के साथ ही पनग्रेन का गोदाम भी है जहां 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। मिल के इस गेट से अंदर जाना किसी के लिए मुश्किल है, लेकिन उक्त आतंकी पूरा होमवर्क करके आए थे।

उन्होंने मिल के पीछे वाले हिस्से की दीवार तोड़कर चोर रास्ता बनाया। पीछे वाली दीवार के साथ खेत ही खेत हैं। इस चोर रास्ते तक उन खेतों से एक पगडंडी जाती है। उसी पगडंडी का इस्तेमाल कर आतंकी इस मिल में घुसे और मिल के एक कमरे में ड्रोन को जलाने की कोशिश की।

15 साल से बंद पड़ी राइस मिल में नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी
राइस मिल लगभग 15 साल से बंद पड़ी है। पड़ोसी गोदाम में तैनात सुरक्षाकर्मी रंजीत सिंह ने बताया कि इस मिल में कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है। मिल बरसों से बंद है। मुख्य गेट पर न तो कोई सुरक्षाकर्मी है और न ही चौकीदार। उन्होंने बताया कि इस मिल के पीछे टूटी दीवार के रास्ते कई बार चोर भी दाखिल होकर उनके गोदाम से गेहूं से भरी बोरियां चोरी करने की कोशिश कर चुके हैं।

मिल के पिछले हिस्से चोर रास्ते से दाखिल हुए आतंकी
पनग्रेन सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक मिल के पीछे वाली दीवार का कुछ हिस्सा एक दो सालों से टूटा पड़ा है। किसने तोड़ा और क्यों तोड़ा, उन्हें नहीं पता। पिछली दीवार के साथ सटे खेत किसके हैं, यह भी उन्हें नहीं पता। उन्होंने आशंका जताई कि इसी रास्ते का इस्तेमाल आतंकियों ने किया होगा।

गांव में किसी ने नहीं देखा ड्रोन
राजोके गांव के सरपंच निशान सिंह के मुताबिक सुनने में आया था कि पाकिस्तान की तरफ से हथियारों के साथ आया ड्रोन उनके गांव में पहुंचा था। निशान सिंह की माने तो उनके गांव में किसी ने भी उक्त ड्रोन को नहीं देखा और न ही कोई पुलिस कर्मी इस संबंध में उनके गांव में आया।

 

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