आदमखोर बाघिन की तलाश करेंगे गोल्फर ज्योति रंधावा, खोजी कुत्तों के साथ पहुंचे यवतमाल

नागपुर: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के पांढरकवाड़ा जंगल में आदमखोर बाघिन टी-1 की तलाश करने के लिए अब इटालियन कुत्तों की मदद ली जाएगी. इस सर्च ऑपरेशन में केन कार्सो ब्रीड के कुत्तों को शामिल किया गया है. वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन का नेतृत्व प्रसिद्ध गोल्फर और डॉग ट्रेनर ज्योति रंधावा करेंगे. ज्योति को दिल्ली से यवतमाल बुलाया गया है. आपको बता दें कि यह अपनी तरह का पहला मामला है जब आदमखोर बाघिन की तलाश करने के लिए खोजी कुत्तों को जंगल में तैनात किया गया है.    

बताया जा रहा है कि यह दोनों केन कार्सो ब्रीड के इटालियन कुत्ते ज्योति रंधावा के ही हैं. इनकी कीमत करीब 6-6 लाख रुपए है. इतना ही नहीं बाघिन को ढूंढने के लिए पावर पैरा मोटरिंग ग्लायडर भी मंगाया गया है. यह ग्याइडर 5000 फुट तक उड़ सकता है.   
नागपुर: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के पांढरकवाड़ा जंगल में आदमखोर बाघिन टी-1 की तलाश करने के लिए अब इटालियन कुत्तों की मदद ली जाएगी. इस सर्च ऑपरेशन में केन कार्सो ब्रीड के कुत्तों को शामिल किया गया है. वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन का नेतृत्व प्रसिद्ध गोल्फर और डॉग ट्रेनर ज्योति रंधावा करेंगे. ज्योति को दिल्ली से यवतमाल बुलाया गया है. आपको बता दें कि यह अपनी तरह का पहला मामला है जब आदमखोर बाघिन की तलाश करने के लिए खोजी कुत्तों को जंगल में तैनात किया गया है.    

बताया जा रहा है कि यह दोनों केन कार्सो ब्रीड के इटालियन कुत्ते ज्योति रंधावा के ही हैं. इनकी कीमत करीब 6-6 लाख रुपए है. इतना ही नहीं बाघिन को ढूंढने के लिए पावर पैरा मोटरिंग ग्लायडर भी मंगाया गया है. यह ग्याइडर 5000 फुट तक उड़ सकता है.   

शार्प शूटर का बेटा भी अभियान में शामिल
पांढरकवाड़ा के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट एके मिश्रा ने कहा कि सोमवार को आदमखोर बाघिन की तलाश के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है जिसे प्रसिद्ध गोल्फर और डॉग ट्रेनर ज्योति रंधावा लीड कर रहे हैं. रंधावा के अलावा इस टीम में शार्प शूटर नवाब शफत अली खान के बेटे असगर भी शामिल हैं. 

13 लोगों को बना चुकी है शिकार
बीते दिनों टी-1 बाघिन ने दो घोड़ों को अपना शिकार बनाया था. हालांकि, निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों से बाघिन की कोई तस्वीर सामने नहीं आ पाई है. ऐसे में खोजी कुत्तों द्वारा उसकी छोड़ी महक से उसे ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के मुताबिक यह आदमखोर बाघिन अब तक 13 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुकी है. इसे पकड़ने के लिए बीते 9 महीने से यवतमाल का वन विभाग अभियान चला रहा है लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है. 
 

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