आरजीपीवी देगा बेहतर स्टार्टअप एक लाख तक की आर्थिक सहायता देगी

भोपाल । देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने का काम लगातार मोदी सरकार कर रही हैं, इसी कड़ी में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने सालभर पहले स्टार्टअप पॉलिसी लागू की थी।इसके बाद अब आरजीपीवी टेक-स्टार्टअप और इनोवेशन को प्रमोट करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन(एआईसीटीई), कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) सहित विभिन्न वेंचर्स के साथ मिलकर एमपीटेक इनोवेशन चैलेंज-2019 प्रतियोगिता आयोजित करने जा रहा है। यह चैलेंज स्मार्ट सिटी, रिनेवल एनर्जी, इनोवेशन फॉर रूरल इंडिया, ऑटोमोटिव ट्रैफिक मैनेजमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट आदि थीम पर आयोजित किया जाएगा। वहीं, आइडिएशन स्टेज, प्रोटोटाइप स्टेज, प्रोडक्ट स्टेज के लिए एंट्री ली जाएगी। कैटेगरी में हुनर दिखाने वाले टॉपर्स स्टूडेंट्स या उनकी टीम को आरजीपीवी कैंपस के ही इंक्यूबेशन सेंटर में इंक्यूबिटी के तौर पर काम करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए आरजीपीवी उन्हें एक लाख तक की आर्थिक सहायता भी देगा। इसके बाद इंक्यूबेशन सेंटर में एक साल के लिए स्थान उपलब्ध कराकर लीगल,इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सपर्टाइज तौर पर मदद उपलब्ध होगी । वहीं, सक्सेस फुल स्टार्टअप्स से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें गाइडेंस के साथ मोटिवेशन भी प्राप्त हो सके।
पॉलिसी तैयार…10 करोड़ रुपए का प्रावधान
बताया जा रहा हैं कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में चैंलेंज का फाइनल राउंड-इस चैलेंज में प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों से डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएशन व प्रोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स शामिल हो सकते है। एक कॉलेज से लगभग 6 टीम या आईडिया इसमें शामिल हो सकते है। इसका फाइनल राउंड अक्टूबर दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।
जल्द ही ऑपरेशनल मोड में आएगा इंक्यूबेशन सेंटर
आरजीपीवी में इंक्यूबेशन सेंटर जल्द ही ऑपरेशनल मोड में आने का दावा किया जा रहा है। इसके तहत शुरुआत में लगभग 50 स्टार्टअप को यहां स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसी के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना भी है, ताकि इस सेंटर के तहत सॉफ्टवेयर संबंधी सुविधा के अलावा यहां पर हार्डवयेर संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी। इंक्यूबिटी इसी कैंपस में मॉडल बनाकर देख सकेगा।
आरजीपीवी ने पॉलिसी के तहत स्टूडेंट्स के स्टॉर्टअप को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके तहत इन्हें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके तहत इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से एक साल में 100 स्टार्टअप को 1-1 लाख की आर्थिक मदद की जाएगी।
