आरटीओ ने यात्री बसों की शुरू की ताबडतोड़ चेकिंग

भोपाल। प्रदेश के सीधे जिले में बस हादसे में 47 लोगों की मौत के बाद प्रशासन जाग गया है और अवैध तरीके से चल रही बसों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। आरटीओ उड़नदस्ते ने बुधवार को यात्री बसों की तबाड़तोड़ चेकिंग शुरू कर दी। सुबह 10 बजे से इंदौर रोड खजूरी सड़क पर बसों का चेकिंग अभियान शुरू किया गया। सुबह 11:30 बजे तक भोपाल, सीहोर, इंदौर मार्ग पर बिना फिटनेस, बीमा के दौड़ रही दो बसों को जब्त कर लिया है। शाम छह बजे तक लगातार रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद रोड पर बसों का चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ उडनदस्ते की कार्रवाई निरंतर जारी है। बता दें कि राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करते हुए कई बसों का संचालन हो रहा है। कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में कई बस मालिकों ने बसों की फिटनेस जांच नहीं कराई, न बीमा रिन्युअल कराया है। लेकिन आरटीओ ने एक साल से कोई बड़ा चेकिंग अभियान चलाकर यात्री बसों पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की। अब सीधी हादसे के बाद आरटीओ उड़नदस्ते को चेकिंग अभियान चलाने की याद आई है। हादसे के बाद भोपाल सहित प्रदेश भर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) व जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) पर सवाल उठने लगे हैं। इंटरनेट मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों को हादसों के बाद ही बसों व अन्य वाहनों के चेकिंग अभियान की याद क्यों आती हैं? यदि समय-समय पर सख्ती के साथ चेकिंग अभियान चलें तो ओवर लोडिंग, बिना फिटनेस, बीमा, परमिट के वाहन सड़कों पर चलें ही नहीं। इससे हादसों पर अंकुश लगेगा। इस संबंध में भोपाल आरटीओ संजय तिवारी ने बताया कि कोरोना के कारण लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद था। जब से बसों का संचालन पुन: शुरू हुआ, तब से बसों की चेकिंग शुरू की गई, लेकिन ओवर लोडिंग जैसी स्थिति भोपाल में नहीं दिखीं। बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा की जांच करने के लिए अब निरंतर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि बीते दिनों सीधी जिले में हुए बस हादसे में करीब 51 यात्रियों की मौत हो चुकी है और कुछ यात्री अभी भी लापता है। इस मामले में लापरवाह बने रहे कुछ अफसरों के खिलाफ भी राज्य सरकार ने कार्रवाई की है।
