उन्नाव केस : छावनी में तब्दील हुआ गांव, पीड़ितों से मिलने पहुंच सकते हैं अखिलेश यादव

नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की घटना ने एक बार फिर से सबको शर्मसार कर दिया है। जिले के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में बुधवार रात तीन नाबालिग दलित लड़कियां खेत में दुपट्टे से बंधी पड़ी मिलीं। इनमें दो लड़कियों की मौत हो चुकी थी जबकि तीसरी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। इस घटना के बाद बबुरहा गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है।उन्नाव जनपद के नौ थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात है। इसके साथ ही 19 दरोगाओं, 70 मुख्य आरक्षी, 30 सिपाहियों की अतिरिक्त तैनाती की गई। वहीं, पीड़िता के गांव में कई लोग धरने पर बैठे हुए हैं। इनके साथ मौजूद सपा कार्यकर्ता घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। सूचना आ रही है कि अखिलेश किसी भी वक्त पीड़ितों से मिलने पहुंच सकते हैं। इस सूचना के बाद गांव में पुलिस और सक्रिय हो गई है।बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने ट्विट किया- और क्या होना बाक़ी है???? उत्तर प्रदेश में और क्या होना है कि अजय बिष्ट की सरकार का इस्तीफ़ा माँगा जा सके.. और राष्ट्रपति शासन लागू हो?
सीपीआई नेता सुभाषिनी अली ने इस घटना को लेकर यूपी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यूपी में रोज ऐसी घटनाएं हो रही हैं और यूपी सरकार सिर्फ अपने एजेंडे में लगी है। सरकार का इस प्रकार की घटनाओं पर कोई ध्यान नहीं है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी। देखा जाए तो अब उत्तर प्रदेश बहू-बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।मृतकों में एक किशोरी की मां ने बताया कि किशोरियां खेत में अचेत मिली थीं। उनके हाथ-पैर नहीं बंधे थे। इस पर एसपी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है। सभी के बयान ले लिए गए हैं। घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई है जो हर पहलुओं का निरीक्षण करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
लखनऊ बेंच की आईजी लक्ष्मी सिंह ने घटना के खुलासे के लिए 4 सीओ, 9 थानेदारों के साथ ही क्राइम ब्रांच में तैनात 3 इंस्पेक्टर को खुलासे के लिए लगाया गया है। पीड़िता के गांव में सपा के लोग धरने पर बैठे। सपाई घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। सपाइयों ने पार्टी मुखिया अखिलेश यादव को पूरे घटनाक्रम से अवगत भी करा दिया है। सूचना आ रही है कि अखिलेश किसी भी वक्त पीड़ितों से मिलने पहुंच सकते हैं। इस सूचना के बाद गांव में पुलिस और सक्रिय हो गई है।
