एचसीएस के लिए पात्र न मानने का फैसला सही, बोर्ड-निगम के कर्मी नहीं सरकारी कर्मीः हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने हरियाणा के बोर्ड और निगम के कर्मचारियों को बड़ा झटका देते हुए सैकड़ों कर्मचारियों द्वारा एचसीएस एग्जीक्यूटिव ब्रांच में आवेदन की अनुमति से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सीधा सरकार का कर्मचारी नहीं माना जा सकता और ऐसे में एचसीएस एग्जीक्यूटिव ब्रांच के लिए आवेदन हेतू वे पात्र नहीं हैं।
याचिका दाखिल करते हुए रमेश कुमार व अन्य कर्मचारियों ने एचसीएस एग्जीक्यूटिव ब्रांच रूल्स को चुनौती दी थी। याची ने अपील की थी कि निगमों और बोर्ड के कर्मचारियों को आवेदन के लिए पात्र न मानने से जुड़े हरियाणा सरकार के आदेश को खारिज किया जाए। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वह भले ही बोर्ड और निगमों के कर्मचारी हैं लेकिन वह सरकार के ही अधीन आते हैं।

इस पर चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों के सेवा से जुड़े नियम अलग-अलग होते हैं। इन कर्मचारियों का सरकार से सीधा एम्प्लॉई और एम्पलॉयर का रिश्ता नहीं होता है। एचीएच एग्जीक्यूटिव ब्रांच के लिए आवेदन के लिए अनिवार्य शर्त हरियाणा सरकार का कर्मचारी होना है।

ऐसे में जब वे सरकार के कर्मचारी ही नहीं हैं और मूल योग्यता को पूरा नहीं करते हैं तो कोर्ट उन्हें आवेदन की अनुमति नहीं दे सकता है। कोर्ट ने इन सभी कर्मियों को झटका देते हुए अब इनकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

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