एमपी साइबर सेल की हुई किरकिरी

भोपाल। एमपी पुलिस पर अपराधिक मामले को दबाने या कार्यवाही ना किए जाने को लेकर वसूली के आरोप लगातार लगते रहे है। लेकिन इस बार लाखों रुपए वसूल करने की लालच में जबलपुर साइबर सेल के पुलिस कर्मियों ने पूरे एमपी के पुलिस विभाग पर दाग लगा दिया है। पोंजी स्कीम के आरोपी से साइबर सेल के दो एसआई और 1 कांस्टेबल पैसा हड़पने के लिए दिल्ली गए थे। लेकिन आरोपी ने एकएसआई का नोएडा में पिस्टल छिन लिया। उसके बाद मामला दिल्ली पुलिस तक जा पहुंचा और एमपी पुलिस कर्मियों के वसूली कांड का भंडाफोड़ हो गया । जानकारी के पोंजी स्कीम संचालक के सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक में फ्रीज अकाउंट जिसमें 58 लाख रुपये जमा थे, इस अकाउंट को डीफ्रीज करने और कोई मामला दर्ज ना करने के ऐवज में दिल्ली पहुंचे जबलपुर शहर के तीनों पुलिसकर्मी लाखों रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। अंदरूनी सूत्रों का कहना है, कि पुलिसकर्मी अकाउंट में जमा इस 58 लाख की रकम को पूरी तरह हड़पना चाहते थे। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया और गुस्साए पोंजी स्कीम संचालक के साथियों ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली थी। इसके बाद यह मामला दिल्ली पुलिस के पास जा पहुंचा जहां सब भंडाफोड़ हो गया। जानकारी के मुताबिक नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस इस मामले में एमपी स्टोल साइबर क्राइम टीम के सब इंस्पेक्टर राशिद परवेज खान, पंकज साहू और कांस्टेबल आसिफ खान को गिरफ्तार किया है। साथ ही पोंजी स्कीम के संचालक सूर्यभान यादव और शशिकांत यादव को भी गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि एमपी साइबर सेल की टीम पोंजी स्कीम संचालक सूर्यभान के संपर्क में 15 दिसंबर से थी। इसलिए उसे धमकाकार तीन दिन के अंदर 28 लाख 70 रुपये कैश भी हड़प चुकी थी। 4 लाख 70 हजार रुपये एमपी के पीड़ित चंद्रकेतू दुबे के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। वहीं, सूर्यभान के विटकॉइन, एथर, विटकॉइन कैश अकाउंट से टीम ने जबरन 24 लाख रुपये पीड़ित चंद्रकेतू दुबे के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। वहीं, साइबर सेल के एसआई ने गिरफ्तार किए गए कांस्टेबल आसिफ खान के अकाउंट में ट्रांसफर कराए थे। इससे पहले साइबर टीम ने पीड़ित चंद्रकेतू को पोर्टल बनवाने का झांसा देकर नोएडा भेजी थी। साइबर टीम पोंजी स्कीम संचालक को लगातार गिरफ्तारी का डर दिखाकर उससे पैसों का डिमांड कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी सूर्यभान यादव ने इंदिरापुरम के एक पार्क के पास आने दोस्त से 3 लाख कैश टीम को दिया था। वहीं, दिल्ली के निजामुद्दीन के पास दोस्त मनोज तिवारी से 1 लाख 70 हजार रुपये लिए थे। इस दौरान अकाउंट खुलते ही सूर्यभान यादव ने मनोज तिवारी को पैसे देने की बात कही थी। दरअसल, नोएडा सेक्टर-62 स्थित नोएडा वन बिल्डिंग में पोंजी स्कीम संचालक सूर्यभान यादव का वेबजोन टेक्नॉलजी के नाम से ऑफिस था। इसमें यह मल्टिलेवल मार्केंटिंग का काम करता था। एमपी के पीड़ित चंद्रकेतु दुबे ने भी इसमें पैसा लगया था। गड़बड़ होने के बाद चंद्रकेतु ने जबलपुर साइबर सेल सूर्यभान के खिलाफ शिकायत की थी।मामले की जांच कर रही साइबर सेल ने चंद्रभान का अकाउंट फ्रीज करवा दिया था। अब उसके अकाउंट को डी-फ्रीज करवा कर उसमें रखी राशि को हड़पना चाहते थे। जानकारी के अनुसार पोंजी स्कीम संचालक को यह बात नागवार गुजरी। उसी के साथ इसके पिस्टल लूट गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य साइबर सेल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए साई मनोहर ने पुलिसकर्मियों राशिद पंकज साहू और आसिफ अली को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विभागीय जांच भी की जाएगी और जांच के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे और कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
