ओलंपिक में भारतीय ध्वजवाहक होंगे मैरीकॉम और मनप्रीत

अनुभवी महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह आगामी टोक्यो ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक होंगे। हर बार ओलंपिक के उद्घाटन में एक ही ध्वजवाहक होता था पर इस बार लैंगिग समानता पर जोर देने के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समित ने एक पुरुष और एक महिला ध्वजवाहक रखे जाने की नीति बनायी है। इस कारण भारतीय ओलंपिक संघ ने भी एक महिला और एक पुरुष खिलाड़ी को ध्वजवाहक बनाया है। वहीं कुश्ती खिलाड़ी बजरंग पूनिया को समापन समारोह के लिए ध्वजवाहक बनाया गया है। ओलंपिक खेल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे। अब तक 18 खेलों में 115 भारतीय खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया है।
टोक्यो ओलंपिक की आयोजन समिति ने यह भी कहा है कि स्टेडियम में आने वाले स्थानीय प्रशंसकों के लिए इस सप्ताह टिकट नीति तय की जाएगी। आयोजकों ने कहा है कि मंगलवार को लॉटरी के जरिए होने वाले टिकटों के वितरण को शनिवार तक टाल दिया गया है, जिससे कि कोरोना महामारी को देखते हुए होने वाली बैठक में नए बदलावों को शामिल किया जा सके। विदेशों से आने वाले दर्शकों पर महीनों पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया था।
टोक्यो ओलंपिक में सबसे बड़ा निशानेबाजी दल भेज रहा भारत
भारतीय निशानेबाजों ने विश्व स्तर पर लगातार सफलताएं हासिल की हैं। उसी को देखते हुए भारत इस बार टोक्यो ओलंपिक में सबसे बड़ा निशानेबाजी दल भेज रहा है। इसमें रिकार्ड 15 निशानेबाज पदक के लिए उतरेंगे। इसी के साथ ही ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय निशानेबाजों की कुल संख्या भी 63 पर पहुंच जाएगी।
आंकड़ों पर नजर डालें तो निशानेबाजी में भारत ने हॉकी और कुश्ती के बाद सबसे ज्यादा पदक जीते हैं। भारत ने अब तक निशानेबाजी में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य सहित चार पदक जीते हैं। अभिनव बिंद्रा का बीजिंग ओलंपिक 2008 में 10 मीटर एयर राइफल में जीता गया स्वर्ण पदक पिछले 40 वर्षों में भारत का इन खेलों में एकमात्र स्वर्ण पदक है।
बिंद्रा से चार साल पहले एथेंस ओलंपिक में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने डबल ट्रैप में रजत पदक जीता था। वहीं लंदन ओलंपिक 2012 में सेना में ही कार्यरत विजय कुमार ने पुरुषों के 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में रजत पदक जीतकर इसे दोहराया था।
लंदन ओलंपिक में ही गगन नारंग ने 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह से भारत ने ओलंपिक में अब तक जो 17 व्यक्तिगत पदक जीते हैं उनमें से चार पदक निशानेबाजी में हासिल किए हैं। भारत ने ओलंपिक की निशानेबाजी प्रतियोगिता में पहली बार 1952 में हेलसिंकी ओलंपिक में हिस्सा लिया था। अभी तक निशानेबाजी में भारत के 48 प्रतिभागियों ने ओलंपिक में जगह बनाई है जिनमें 12 महिलाएं शामिल हैं।
निशानेबाजी में इस बार भारतीय दारोमदार दिव्यांश सिंह पंवार, इलावेनिल वलारिवान, मनु भाकर, सौरभ चौधरी, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर जैसे युवा खिलाड़ियों पर टिका होगा जिन्होंने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। स्कीट निशानेबाजों को छोड़कर बाकी भारतीय निशानेबाज अभी क्रोएशिया में अभ्यास कर रहे हैं और वहीं से टोक्यो पहुंचेंगे। स्कीट निशानेबाज इटली में अभ्यास कर रहे हैं।
