कन्याभोज और देवी पूजन का सिलसिला शुरु

जबलपुर। वासंतेय नवरात्र पर शहर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। चारों ओर मातारानी के जयकारे गूंज रहे हैं। जगराते के आयोजन चल रहे हैं, महासप्तमा से कन्यापूजन का सिलसिला शुरू हुआ आज महाअष्टमी एवं नवमीं एक साथ होने के कारण पर घर-घर में अष्टमी-नवमीं का पूजन होगा। देवी के आठवें स्वरूप महागौरी एवं नवमे स्वरूप सिद्धीदात्री की आरधना और उपासना की जायेगी। इसके साथ ही कल रामनवमीं पर भगवान श्री राम और शिर्डी के संत श्री सांई नाथ महाराज का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। इस अवसर पर शहर में श्री राम सांई की एक शोभायात्रा भी निकाली जायेगी।
वासंतेय नवरात्र पर्व पर नगर के देवी देवालयों और मठमंदिरों में श्रध्दा और आस्था का संगम देखने को मिल रहा है। तड़के ४ बजे से ही महिलायें माता रानी के पैर पखारने हाथ में जल कलश लिये मंदिरों की ओर निकल पड़ती हैं। ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता है त्यों त्यों ही मंदिरों में भीड़ बढ़ जाती है। प्रातः कालीन पूजा अर्चना के बाद शाम के वक्त पुनः अनुष्ठानों का सिलसिला प्रारंभ होता है। और देर रात तक मंदिरों में चहल पहल बनी रहती है। शक्ति की उपासना पूरी भक्ति के साथ की जा रही है। श्रद्धा और आस्था का सैलाब देवी मंदिरों में उमड़ रहा है। नगर के प्रसिद्ध देवी मंदिर देवालय, आकर्षक रंग बिरंगी विद्युत छटाओं से जगमगा रहे हैं। मंदिरों में नवरात्र के मेले का माहौल बना हुआ है। सूर्योदय के साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम प्रारंभ हो जाता है, जो देर रात तक अनवरत चलता है। कल सप्तमी पर मां देवी के सांतवे स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। आज मॉ भगवती के आठवें स्वरूप महागौरी एवं नवमे सिद्धीदात्री की उपासना और पूजा अर्चना की जायेगी।
मढ़ाताल सिविक सेंटर स्थित श्री शंकराचार्य मठ में स्थापित बगला मुखी के मंदिर की यज्ञ शाला में प्रज्वलित की गई अखण्ड मनोकामना ज्योति बस देखते ही बनती है। यहां नित्य प्रति महा आरती अर्चन के अनुष्ठान हो रहे हैं।
