कब्रिस्तान खोद ले गये पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के खनन मफिया माफियाओं ने खुलेआम दी धमकी

बाराबंकी। प्रदेश सरकार एक तरफ अवैध खनन करने वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाकर मिट्टी खनन का अवैध कारोबार पर अंकुष लगाने की बात कह रही है लेकिन प्रदेष सरकार द्वारा बनाये गये नियम कानून जनपदीय अधिकारियों के लिए कोई मायने नही रखता। मिट्टी खनन करने वाले माफियाओं पर प्रशासनिक ताबीज बंधे होने के नाते उनपर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही होती साथ ही माफियाओं पर प्रशासन का पूरा सहायोग प्राप्त होता है। यदि यही खनन का कार्य किसी आम जनमानस द्वारा अपने निजी कार्य के लिए किया जाता है तो स्थानीय पुलिस से लेकर राजस्व प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मिट्टी खनन से सम्बन्धित सभी धाराओं को लगाकर ग्रामीणों को जेल भेजने में कोई कसर नही छोड़ते। यदि इसका उदाहरण देखना है तो तहसील हैदरगढ़ क्षेत्र के बलीगेरावां, गंेरावा, कुड़वा, कोलवा, जैसी दर्जनों ग्रामसभाओं में देखा जा सकता है यहां मिट्टी खनन करने वाले माफिया इतने दबंग है कि रातो रात कब्रिस्तान की जमीन पर धावा बोलकर ग्रामीणो के पूर्वजों की दर्जनों कब्र खोद डाला और जमीन को गहरे तालाब का रूप दे दिया। माफियाओं द्वारा ग्रामीणों की कब्र खोदने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो गांव के सैकड़ो ग्रामीण मौके पर पहुंच गये और खनन कर रहे जेसीबी मशीन चालक से भिड़ गये और पूर्वजों की कब्रो यथास्थिति बनाने की मांग करने लगे। ग्र्रामीणों द्वारा किये जा रहे विरोध पर भी दबंग माफिया नही माने और ग्रामीणों की बातों को अनसुना करते हुये खनन जारी रखा। पीड़ित ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पहले उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ से किया जब माफियाओ पर कोई कार्यवाही नही हुई तो ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर ग्रामीणों के खेत व कब्रिस्तान में जबरदस्ती खनन कर रहे माफियाओं पर कार्यवाही करने की मांग किया है।
माफियाओं ने दी ग्राम प्रधान को धमकी
तहसील हैदरगढ़ के ग्रामपंचायत बलीगेंरावा निवासी ग्रामप्रधान सरजू रावत ने बताया कि हमारी गांव से सट कर निकलने वाली पूर्वंचल एक्सप्रेस में मिट्टी पटाई का ठेका लिए राजेष विक्रम के गुर्गो ने बिना अनुमति के तालाब, कब्रिस्तान, बंजर, चारागाह ग्रामसमाज जैसी तमाम जमीनो को जबरदस्ती खोदकर गहरा तालाब बना डाला यदि कोई ग्रामीण इसका विरोध करता है तो राजेश विक्रम के गुर्गो द्वारा ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देने में कोई कसर नही छोड़ते है। ग्राम प्रधान ने आगे बताया कि गांव का आलम यह है कि ग्रामीण अपना खेत, बाग और कब्रिस्तान पर खनन से बचाने के लिए रातो रात जागकर रखवाली कर रहे है। प्रधान सरजू रावत ने यह भी बताया खनन माफियाओं द्वारा हम सबको जान से मारने की धमकी भी दे रहे है।
माफियाओं की धमकी से सहमे ग्रामीण
माफियाओं की दबंगई से पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की षिकायत हल्का लेखपाल से कई बार किया लेकिन उनका असर कुछ देर के बाद बेअसर हो जाता है लेखपाल साहब माफियाओं को कुछ न कहकर ग्रामीणों को ही समझा बुझाकर वापस हो जाते ग्रामीणों ने यह भी बताया की इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ से भी किया है लेकिन अभी तक माफियाओं पर न तो किसी प्रकार की कार्यवाही हुई और न ही किसानों की जमीन का कोई मुवावजा ही मिला।
माफियाओं पर होगी कड़ी कार्यवाही: उपजिलाधिकारी
इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह से बात किया गया तो उनका कहना था कि कब्रिस्तान की जमीन पर खनन नही हुआ यदि खनन किया गया है तो हल्का लेखपाल को भेजकर इसकी जांच कराई जायेगी। देखा जाये तो क्षेत्र में अवैध तरीके व बिना मानक से हो रहे खनन का यह कोई पहला मामला नही है इससे पूर्व खनन माफियाओं द्वारा ग्रामीणों की जमीनों पर रातो-रात खनन कर फरार हो गये जिसकी षिकायत ग्रामीणों ने कई उपजिलाधिकारी से लेकर उपपजिलाधिकारी तक किया था लेकिन अभी तक किसी भी मामले पर कोई कार्यवाही नही हुई जिससे खनन माफियाओं के हौसले और भी बुलंद है।
