करोड़ों का आसामी निकला आईडीए का सब इंजीनियर

  • लोकायुक्त के छापे में मिली करोड़ों की संपत्ति, नगदी और जेवर भी बरामद

इंदौर । लोकायुक्त पुलिस ने अल सुबह आईडीए के सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार के मकान सहित 9 स्थानों पर एक साथ छापे मारे। प्रारंभिक जांच में करोड़ों की चल अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। छापे की कार्रवाई एसपी एसएस सराफ की अगुवाई में की जा रही है। लोकायुक्त एसपी सराफ को शिकायत मिली थी कि सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार ने कम समय में करोड़ों की चल-अचल संपत्ति जुटा ली है। शिकायत पर एसपी ने इंस्पेक्टर विजय चौधरी आदि के नेतृत्व में एक टीम गठित की। चौधरी ने अलसुबह 6 बजे पाटीदार के स्कीम नंबर 78 में स्थित 58 डीएस एचके मकान सहित 9 स्थानों पर एक साथ छापे मारे। कार्रवाई के दौरान परिजनों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच पड़ताल में लाखों रुपए नकदी और अन्य संपत्तियों का खुलासा हुआ है। चौधरी ने बताया कि कार्रवाई अभी जारी है।
करोड़ों की संपत्ति के मिले दस्तावेज
प्रारंभिक जांच पड़ताल में पाटीदार के यहां से खेती की जमीन के दस्तावेज, दुकान, मकान, प्लाट, नगदी सोने के आभूषण एवं केंद्र सरकार के विभिन्न योजनाओं में किए गए निवेश आदि की जानकारी मिली है। एसपी के मुताबिक गजानन पाटीदार पहले ट्रेसर के रूप में आइडिया में काम करते थे जिसके बाद वर्ष 2010 में उपयंत्री बन गए 9 साल में उन्होंने करोड़ों रुपए की अघोषित संपत्ति जुटा ली इसी के चलते यहां कार्रवाई की जा रही है। 
बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी भी मिली 
छापे की कार्रवाई के दौरान बेहिसाब संपत्ति की जानकारी मिली है। इतना ही नहीं उनके घर से बड़ी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी भी मिली है। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार केवल आईडीए में ही नहीं काम करते हैं। बल्कि अपने भाई और रिश्तेदार के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरो त और कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। इस काम में उन्होंने मोटा पैसा लगाया हुआ है।
घर के बगल में दो 1500 स्केवयर फीट के प्लॉट
स्कीम नंबर 78 के अरण्य नगर में जिस मकान में छापे की कार्रवाई चल रही है। उसके बगल में दो 1500 स्केवयर फीट के प्लॉट मिले हैं। सब इंजीनियर के घर के पास ही भाई की पत्नी वंदना और बहन सुनीता पाटीदार का भी मकान मिला है। स्कीम नंबर 94 में भी एक मकान मिला है। इंदौर में सब इंजीनियर के 8 ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है। साथ ही खरगोन के शेगांव में भी उनके पैतृक घर भी एक टीम जांच के लिए पहुंचीं हुई है। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक सब इंजीनियर ने जमीन में बड़ा निवेश किया हुआ है। इससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है। वहीं सब इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों के बैंक खाते और लॉकर की भी जांच की जाएगी।
गजानन की सैलरी लगभग 55 हजार रुपए महीना 
लोकायुक्त की टीम सुबह-सुबह ही सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार के स्कीम नंबर 78 अरण्य नगर स्थित मकान पर पहुंचीं। टीम को देखकर सब इंजीनियर घबरा गए। बताया जाता है कि गजानन पहले ट्रेसर के रूप में आईडीए में काम करते थे। साल 2000 में बतौर उपयंत्री के तौर पर पर उनकी स्थापना हुई। गजानन की सैलरी लगभग 55 हजार रुपए महीना है, लेकिन आय से अधिक संपत्ति के मामले की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने छापामार कार्रवाई की है।
सब इंजीनियर के बिल्डर भाई के यहां भी छापे
सूत्रों के मुताबिक सब इंजीनियर पाटीदार के बिल्डर भाई रमेश चंद पाटीदार के यहां भी कार्रवाई की जा रही है वहीं स्कीम नंबर 78 के अलावा स्कीम नंबर 136 जहां उनके अन्य परिजन के नाम पर संपत्ति है वहां पर भी कार्रवाई की जा रही है। 3 घंटे की कार्यवाही में लगभग एक करोड़ की संपति संपत्ति का खुलासा हुआ है। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।

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