कहीं ईवीएम ने दिया धोखा तो कहीं नहीं चली वीवीपेट मशीनें

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रदेश में चल रहे मतदान के दौरान कई केन्द्रों पर ईवीएम मशीनों ने धोखा दे दिया तो कई जगहों पर वीवीपेट मशीनें नहीं चली. मशीनों में आई इन तकनीकी खामियों के चलते कई पोलिंग बूथों पर निर्धारित समय पर मतदान शुरू नहीं हो पाया और वहां मतदाता कतारों में लगे रहे.
अलवर के बहरोड़ में बूथ नंबर 29, 68, 71, 84,102 और 130 की वीवीपेट मशीन खराब हो गई. इस पर वहां दूसरी वीवीपेट मशीन भेजी गई, जिसके चलते कुछ देर लिए वहां मतदान रुका रहा. करौली में मतदान केंद्र संख्या 140 पर ईवीएम खराब होने से मतदाताओं का इंतजार करना पड़ा. वहां मतदाताओं ने
पीठासीन अधिकारी पर देरी मतदान शुरू करवाने का आरोप लगाया. भरतपुर के डीग कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र में डहवा बूथ पर ईवीएम मशीन खराब होने के कारण वहां एक घंटे तक मतदान शुरू नहीं हो पाया.
अलवर में काली मोरी स्थित पोलिंग बूथ नंबर 177 पर ईवीएम मशीन खराब होने के कारण वहां उसे बदला गया. इसके कारण मतदताओं को इंतजार करना पड़ा. झुंझुनूं में उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 179 पर भी ईवीएम मशीन खराब होने के कारण वोटिंग आधा घण्टे देरी से शुरू हो पाई. राजधानी जयपुर में बीजेपी मुख्यालय पर बनाए गए वॉर रूम के मुताबिक अभी तक लगभग 40 स्थानों से ईवीएम खराब होने की है सूचना मिल चुकी है.
जयपुर ग्रामीण और सीकर में प्रत्याशियों को भी झेलनी पड़ी परेशानियां
जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र में भी एक केन्द्र पर वीवीपेट मशीन खराब होने के कारण यहां बीजेपी प्रत्याशी राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को भी इंतजार करना पड़ा. वहीं सीकर में भी एक केन्द्र पर वीवीपेट मशीन खराब होने के कारण माकपा उम्मीदवार अमराराम के मतदान करने के बाद उसमें से पर्ची नहीं निकली. इस मामले को लेकर अमराराम ने अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है. करौली के सायपुर बूथ नंबर 101 पर मतदाताओं ने बीएलओ पर वोटर पर्ची नहीं बांटने का आरोप लगाते हुए वहां हंगामा कर दिया. मतदाताओं ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई.
