कालीसिंध पर बने एनीकट के टूटने से खराब हुई फसलें, धरने पर बैठे किसान

बारां: जिले के अंता क्षेत्र में काली सिंध नदी में खान की झोपड़िया के पास चंबल फर्टिलाइजर द्वारा बनवाया गया एनीकट, क्षेत्र के किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है. गड़ेपान चम्बल फर्टिलाइजर्स द्वारा 2002 में पहले छोटा एनीकट बनाया गया था परंतु उससे फैक्ट्री को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण 2016 में एक नए एनीकट का निर्माण किया गया. जिसकी ऊंचाई पहले से अधिक रखी गई है.
इस एनीकट का क्षेत्र के किसानों ने भारी विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन इसके बाद भी चम्बल फर्टिलाइजर द्वारा इस एनीकट का निर्माण करा दिया गया. किसानों के अनुसार पिछली बार भी एनीकट के कारण पानी की भराव क्षमता बढ़ जाने से सैकड़ों बीघा की फसले खराब हो गई थी. जिस पर फेक्ट्री द्वारा कुछ पीड़ित किसानों को मुआवजा भी दिया गया था परन्तु इस बार एनीकट टूट जाने से खेतों की फसले तो बर्बाद हुई हैं साथ ही कई खेत तो तालाब में तब्दील हो गए. ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
इस क्षेत्र के किसानों के पास सिर्फ परिवार का भरण पोषण के अनुसार ही जमीन है और उसकी भी फसल पूर्ण रूप से चैपट हो गयी है. इस मामले को लेकर पीड़ित किसान गत 18 दिनों से घटना स्थल पर धरने पर बैठे हुए हैं और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं.इस मामले को लेकर कलेक्टर इंद्र सिंह राव ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर किसानों से जानकारी हासिल की. वहीं नष्ट हुए फसलों के नुकसान का जायजा लिया. किसानों का कहना है कि इस एनीकट के टूट जाने से उनकी सैकड़ों बीघा खेतों की फसलें पूर्ण रूप से नष्ट हो चुकी है. ऐसे में उनके सामने खाने के लाले पड़ गए हैं. किसानों ने अंता पहुंचे खनन एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जेन भाया से भी भेंट की साथ ही समस्या से अवगत कराते हुए उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की.
