किराये पर घर लेने से पहले जान लें ये बातें, मकान मालिक से नहीं होगी झिकझिक

नई दिल्ली. अधिकतर लोगों के लिए घर किराये पर देने का मतलब होता है कई तरह का टेंशन पाल लेना. नई जगह पर पहुंचने से पहले हर किसी को कई फैक्टर्स का ख़्याल रखना होता है. अगर इनका ध्यान नहीं रखा जाए तो बाद में परेशानियां भी खड़ी हो जाती हैं. ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि किसी भी नई जगह शिफ्ट होने से पहले कुछ जरूरी बातों पर विशेष ध्यान दें ताकि भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचा जा सके और आप अपने काम और परिवार पर ध्यान दे सकें. तो आइए जानते हैं इन बारे में…
सबसे पहले तो आपको यह चेक करना चाहिए कि अग्रीमेंट में डिपॉजिट अमाउंट की स्पष्ट जानकारी दी गई है या नहीं. किसी भी अपार्टमेंट या मकान को किराये पर चढ़ाने से पहले किरायेदार को यह देख लेना चाहिए कि उनके पास लीगल अग्रीमेंट हो. इसमें पूरी डिपॉजिट अमाउंट के बारे में स्पष्ट जानकारी हो. यह भी पता कर लेना चाहिए कि कोई अन्य खर्च तो नहीं जुड़ा है.
इसके अलावा यह भी पहले पता कर लेना चाहिए कि पानी और बिजली के बिल की क्या व्यवस्था है. क्या इसके लिए अलग से पेमेंट करना होगा या नहीं.नोब्रोकर के संस्थापक व सीईओ अमित कुमार अग्रवाल का कहना है कि कई बार ऐसा होता कि मकानमालिक भी नहीं बताता और न ही किरायेदार पूछता है कि घर छोड़ने से पहले क्या-क्या कटौती होगी. अग्रवाल ने कहा, ‘देश के कुछ हिस्से में किराये से निकलने से पहले कुछ चार्ज देना जरूरी होता है. मकानमालिक एक महीने का किराया वसूल लेता है ताकि पेन्टिंग व मरम्मत आदि पर खर्च किया जा सके. ऐसे में जरूरी है कि किराये पर मकान लेने से पहले ही इन बातों के बारे में स्पष्ट जानकारी जुटा लेनी चाहिए.’
किरायेदार को यह भी पता कर लेना चाहिए कि मकान में किस तरह के डैमेज को सामान्य माना जाएगा और किस तरह के डैमेज का खर्च उठाना होगा. अग्रवाल बताते हैं कि यह बात तो स्पष्ट है कि किराये पर रहने के बाद मकान की स्थिति पहले जैसी तो नहीं रहेगी. कुछ डैमेज तो स्वाभाविक है. रेंटल अग्रीमेंट में इस बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए.
मेन्टेनेंस चार्ज के बारे में पता करना जरूरी
सालाना और मासिक मेन्टेनेंस चार्ज का शर्त भी एक बड़ा मसला होता है. ऐसे में किरायेदार को पहले से ही इस बारे में जानकारी होनी चाहिए. किरायेदार को इस बारे में एक मैक्सिमम लिमिट तय करने के बाद मकानमालिक से बातचीत कर लेनी चाहिए.
रेंटल अग्रीमेंट में इन्वेन्टरीज के बारे में जानकारी है या नहीं?
यह बेहद जरूरी है कि रेन्टल अग्रीमेंट में यह जानकारी होगी मकान में शिफ्रट होने से पहले किरायेदार को क्या इन्वेन्टरीज मिलेंगी. इनमें इलेक्ट्रिक गीजर, पंखे, लाइट्रस और किचन एक्सेसरीज आदि होते हैं. साथ ही लॉक-इन-पीरियड और किराये में बढ़ोतरी के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए.
