किशोरावस्था में अधिक शराब सेवन से कम होती है याददाश्त : शोध

न्यूर्याक । किशोरावस्था में अधिक शराब का सेवन करने लोगों की स्मरण शक्ति क्षीण हो सकती है। हाल ही में हुए एक शोध में इसका खुलासा हुआ है। इस शोध में यह भी बताया गया है कि जो किशोर बेहद कम वक्त में ही ज़्यादा शराब पी जाते हैं, वे युवावस्था में शराबी बन जाते हैं। न्यूर्याक की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और इस शोध के सह-लेखक नील हैरिसन ने कहा, 'युवा किशोरों में दिमाग विकास की अवस्था में होता है, जिसकी वजह से वह शराब की तरफ आकर्षित होने के लिए ज़्यादा संवेदनशील होते हैं। अब सवाल उठता है कि क्या हम युवा किशोरों में वे पॉइंट ढूंढ सकते हैं जिनकी वजह से वे कम समय में ही ज़्यादा शराब का सेवन करने लगते हैं, ताकि हम उन्हें रोक पाएं?' इस शोध के लिए चूहों का इस्तेमाल किया गया। इसमें चूहों को हर दूसरे दिन उस अवस्था (वह अवस्था जो मनुष्य की किशोरावस्था से मिलती है) के दौरान शराब पिलाई गई। इसमें पाया गया कि कम समय में ज़्यादा शराब यानी बिंज ड्रिंकिंग का असर चूहों पर उसी तरह हुआ जिस तरह किशोरों पर होता है। वहीं जो लोग युवावस्था में ज़्यादा ड्रिंक करते थे, उनमें शराब धीरे-धीरे आदतों में शुमार हो गई। शोधकर्ताओं ने बताया कि बिंज ड्रिंकिंग करने वाले चूहों में कुछ पीएफसी  न्यूरॉन्स लगातार गतिविधि उत्पन्न करने में कम सक्षम थे और यही बदलाव वर्किंग मेमोरी को खराब कर देते हैं। शोधकर्ताओं की मानें, तो इसी स्टडी को यह समझने और समझाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है कि आखिर किशोरावस्था में याददाश्त संबंधी परेशानियां क्यों होती हैं।

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