कृषि मंडी समितियों के चुनाव समय पर करायें जाएं-मुख्यमंत्री

जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सहकारिता एवं कृषि से संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सभी सहकारी संस्थाओं एवं कृषि मंडी समितियों के चुनाव समय पर कराये जाएं। उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की भावना को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए यदि नियमों या अधिनियम में बदलाव अथवा संशोधन की आवश्यकता हो तो किया जाए।
मुख्यमंत्री ने रबी सीजन के लिए फसली ऋण वितरण, समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद, फसल बीमा योजना आदि की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए पूरी तरह संवेदनशील है और उनके हित के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ग्राम सेवा सहकारी समितियों, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों, क्रय विक्रय सहकारी समितियों, सहकारी उपभोक्ता भंडारों, राजफैड, कॉनफैड, सीसीबी, शीर्ष सहकारी संस्थाओं एवं मंडियों के समय पर चुनाव नहीं होने से इन संस्थाओं में जनभागीदारी कम होती है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश की लगभग 25 हजार सहकारी संस्थाओं और 144 कृषि मंडियों में समयबद्ध रूप से चुनाव हो सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने सहकारी संस्थाओं के चुनाव के लिए राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण में निर्वाचन प्राधिकारी की नियुक्ति कर दी है। गहलोत ने रबी सीजन के लिए खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसानों को कृषि आदान की उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं आने दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर कृषि आदान-खाद, बीज एवं कीटनाशक की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने इसके लिए जिला स्तर पर मॉनीटरिंग के भी निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को रबी सीजन के लिए सहकारी फसली ऋण वितरण के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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