केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग

नई दिल्ली तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार (27 सितंबर) को भारत बंद का एलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार का भारत बंद सबसे बड़ाविशाल होगा, क्योंकि इसमें 100 किसान संगठनों के अलावा, मजदूर, छात्र के साथ अन्य सामाजिक संगठन में शामिल हो रहे हैं। इस बीच दिल्ली के 2 करोड़ लोगों के लिए राहत भरी खबर रही है। दरअसलकिसानों के 27 सितंबर के भारत बंद के मद्देनजर दिल्ली वालों को राहत दी गई है। किसान संगठनों का कहना है कि वह दिल्ली में प्रवेश कर प्रदर्शन नहीं करेंगे। इसी के साथ परीक्षा देने जा रहे छात्रछात्राओं को भी नहीं रोका जाएगा।

किसान संगठनों ने साफ कहा है कि वे राजधानी दिल्ली में प्रवेश कर भारत बंद के तहत कुछ नहीं करेंगे, लेकिन दिल्लीहरियाणा और दिल्लीयूपी आने वाली सड़कों को बंद कर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में दिल्लीहरियाणा और यूपी बार्डर पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, बताया जा रहा है कि भारत बंद के दौरान सोमवार को दिल्लीएनसीआर में छात्रछात्राओं को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा 27 सितंबर को होनी है। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा के मनजीत सिंह राय का कहना है कि दिल्लीएनसीआर में किसी भी परीक्षा देने वाले छात्रछात्राओं को नहीं रोका जाएगा।

दिल्ली के विभिन्न कारोबारी और व्यापारिक संगठनों ने भारत बंद से दूरी बना ली है। दिल्लीएनसीआर के संगठन इस भारत बंद में शामिल नहीं है। उधर, कहा जा रहा है कि संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद में कुछ ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अलावा कर्मचारी यूनियन शामिल होंगे। इसके अलावा महिला और युवाओं के हितों के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं के भारत बंद में शिरकत करेंगे।

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