कॉग्निजेंट अपने 2 लाख वर्करों को लगवाएगी कोरोनारोधी टीका, उठाएगी खर्च 

नई दिल्ली । कोविड-19 महामारी से निजात दिलाने के लिए देश में बड़े स्तर पर कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। अब कई कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए कोरोना वैक्सीन का खर्च उठाने की योजना बना रही हैं। वहीं, सूचना प्रोद्यौगिकी क्षेत्र की कंपनी काग्निजेंट ने कहा है कि वह भारत में अपने 2 लाख कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों, ठेके पर काम करने वाले तथा सहयोगी स्टाफ सहित कुल मिलाकर छह लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 टीका लगाने का खर्च उठाएगी। काग्निजेंट इंडिया के चेयरमैन और एमडी राजेश नाम्बियार ने ई-मेल के जरिए भेजे गए अपने बयान में कहा, 'कोविड-19 महामारी के कारण भारत के लिये बीता साल काफी उठापटक वाला रहा। इस दौरान हमारे कर्मचारियों ने दुनियाभर के लाखों लोगों को महत्वपूर्ण सेवाओं देने में अहम भूमिका निभाई। काग्निजेंट ने अपने ग्राहकों और समुदायों के जरिए कोरोना काल में आगे रहकर लोगों की सेवा करने वाले कर्मियों को भी अपनी सेवायें पहुंचाई।'
उन्होंने कहा अब जबकि कोविड-19 का टीका आखिरकार जनता के लिये उपलब्ध हो चुका है, तब कंपनी ने भारत में छह लाख से अधिक लोगों के टीकाकारण का खर्च उठाने का फैसला किया है। इससे पहले, आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस, सॉफ्टवेयर कंसल्टिंग फर्म एक्‍सेंचर, फ्रांसीसी आईटी कंपनी कैपजेमिनी, स्वच्छ ऊर्जा कंपनी रिन्यू पावर, आरआईएल, टीवीएस मोटर, फ्लिपकार्ट, एनटीपीसी, एसबीआई, वेदांता जैसी निजी और सरकारी कंपनियां भी कर्मचारियों के कोविड टीकाकरण का खर्च उठाने का फैसला कर चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में 1 मार्च से कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू हो गया है। वैक्सीनेशन में 60 साल से ऊपर की उम्र वालों के साथ-साथ 45 से 60 साल तक की उम्र के उन लोगों को भी वैक्सीन की डोज दी जा रही है, जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। लोग सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना लगवा रहे हैं। 1 मार्च को पीएम मोदी ने कोरोना का पहला डोज लगवाया वहीं पीएम मोदी ने सभी से बेफिक्र होकर कोरोना का टीका लगाने की बात कही।
 

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