कोराेना राहत

2 महीने बाद संक्रमितों का एक दिन का आंकड़ा 100 से नीचे आया, एक भी मरीज की नहीं गई जान, रिकवरी रेट भी 95 फीसदी के करीब
नंबवर 2020 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब संक्रमितों का आंकड़ा 89 पर आया है।
इंदौर में कोरोना वैक्सीन के बाद एक और राहत देने वाली खबर रविवार रात को आई। कोरोना के हॉस्ट शहरों में शामिल इंदौर में दो महीने 8 दिन बाद जहां कोरोना से कोई मौत नहीं हुई। वहीं, दो महीने 3 दिन बाद संक्रमितों का एक दिन का आंकड़ा 100 से नीचे रहा। देर रात 3343 टेस्ट में से 3229 की रिपोर्ट निगेटिव रही वहीं, 89 पाॅजिटिव मरीज मिले। इससे पहले 7 नंवबर को 89 नए संक्रमित सामने आए थे। मृतकों की बात करें तो इसके पहले 2 नंवबर 2020 को किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी। तब 3 दिनों तक 30 अक्टूबर, 1 और 2 नवंबर को किसी मरीज ने दम नहीं तोड़ा था। एक्टिव मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। दिसंबर महीने में 5 हजार तक पहुंची संख्या अब घटकर 2250 पर पहुंच गई है।
अब तक 7 लाख 9 हजार 203 लाेगों की जांच हुई
जिले भर में अब तक 7 लाख 9 हजार 203 लाेगों के सैंपल जांचें जा चुके हैं। इसमें से 56 हजार 628 मरीजों में से 53 हजार 468 ठीक होकर घर लौट चुके हैं। वहीं, 910 की मौत हो चुकी है। रिकवरी रेट की बात करें तो यह 94 फीसदी से ज्यादा होकर 94. 41 तक पहुंच गया है।
6 जनवरी से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन की मॉनीटरिंग दिल्ली से1
कोरोना महामारी को (कोविड-19) हराने के लिए देश में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। मप्र में इंदौर व भोपाल ऐसे दो शहर है, जहां के लांचिंग साइट (टीकाकरण केंद्र) को सीधे दिल्ली से मॉनीटर किया जाएगा। इस बात की भी संभावना है कि प्रधानमंत्री इन केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद करें। इसी के मद्देनजर रविवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एमवायएच पहुंचे और प्रस्तावित टीकाकरण केंद्रों का मुआयना किया। एमवायएच में पांच टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसमें से दो ऑडिटोरियम में होंगे जहां ड्राय-रन किया गया था। यूं तो चारों ब्लॉक मुख्यालयों सहित जिले में सौ से अधिक टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे है। इसमें सभी बड़े निजी अस्पताल भी शामिल है। रविवार को इन सभी अस्पतालों से ड्यूटी के लिए कर्मचारियों के नाम मंगवाए गए।
करीब तीन पहले आ सकता है कोविड-19 का टीका
कोविड-19 के टीके के लिए केंद्रों पर व्यवस्थाओं का इंतजाम करने में सभी विभागों के अधिकारी जुटे हैं, लेकिन टीका कब तक आएगा, इस बारेे में अब तक किसी के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है। चूंकी 16 जनवरी से टीके लगना शुरू होंगे, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन दिन पहले कोविड का टीका मप्र में पहुंच जाएगा।
पांच दिन में लगेंगे स्वास्थ्यकर्मियों को टीके
इंदौर में 26 हजार स्वास्थ्यकर्मियों सहित मप्र में चार लाख 13 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पांच दिन की समयावधि तय की गई है। इसके बाद दूसरी श्रेणी के फ्रंटलाइन वर्कर्स को इसका लाभ मिलेगा। एक केंद्र पर एक दिन में अधिकतम सौ लोगों को ही टीका लगाया जा सकेगा।
