क्या सुधर गया पड़ोसी पाकिस्तान? NSA अजीत डोभाल के प्रयास से रिश्ते ठीक होने की जगी आस

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान सीमा पर संघर्ष विराम की घोषणा अगर वास्तविक रूप में अमल में आई तो इसका सकारात्मक असर दोनो देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर भी देखने को मिल सकता है। जानकारों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में 4जी सेवा शुरू होना, भारत की पहल पर बुलाई गई पड़ोसी देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सुझाये गए उपायों का पाकिस्तान द्वारा समर्थन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के विमान को भारतीय एयर स्पेस के उपयोग की इजाजत देना और अब दो कदम आगे बढ़कर संघर्ष विराम पर परस्पर सहमति इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में बहुत कुछ चहलकदमी हो रही है।

डोभाल रणनीतिक स्तर पर सक्रिय 
रणनीतिक स्तर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की सक्रियता संघर्ष विराम के पीछे बताई जा रही है। कई अन्य स्तरों पर चहलकदमी का असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।

कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संकेत 
जानकारों का कहना है कि भारत ने ताजा घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान को लेकर जिस तरह से सधी प्रतिक्रिया दी है उससे संकेत साफ हैं कि रिश्तों को बेहतर करने की पहल पर्दे के पीछे चल रही है। दोनों तरफ से कुछ सद्भावना दिखाने का प्रयास हो रहा है।

जमीन पर बदलाव महत्वपूर्ण 
सूत्रों ने कहा कि अगर जमीन पर पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का सख्ती से पालन किया और आतंकवाद और घुसपैठ को रोका जा सका तो दोनो देशों के रिश्ते बेहतर बनाने के कुछ और कदम नजर आ सकते हैं।

सामान्य पड़ोसी की तरह चाहते हैं रिश्ते: विदेश मंत्रालय 
विदेश मंत्रालय ने संघर्ष विराम के बाद बातचीत की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर सतर्क बयान दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है,‘भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी की तरह रिश्ते चाहता है। अगर कोई भी मुद्दा है तो उन्हें शांतिपूर्ण और द्विपक्षीय तरीके से हल करने को प्रतिबद्ध है। आतंकवाद सहित अन्य मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर भारत ने स्पष्ट किया है कि अहम मसलों पर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं है।’

नजर आएगी सार्थक पहल 
सूत्रों का कहना है कि कुछ दिन पहले दस पड़ोसी देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सुझाए गए उपायों पर समर्थन जताने के बाद पाकिस्तान इस दिशा में कुछ सार्थक पहल भी कर सकता है। 
 
जम्मू कश्मीर से भी समर्थन 
उधर जम्मू कश्मीर के दलों ने भी भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हुर्रियत ने भी सकारात्मक बयान दिया है। इसे भी माहौल सुधरने में मददगार बताया जा रहा है।

पाकिस्तान न दे धोखा 
जानकारों का कहना है कि फिलहाल धारा 370 सहित कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान ने पिछले दिनों जिस तरह से भारत के प्रति कटुता दिखाई है उसे देखते हुए अभी भारत इंतजार करने की रणनीति अपनाएगा। अतीत में भी पाकिस्तान समझौतो को तोड़ता रहा है ऐसे में जमीनी स्तर पर बदलाव अहम होंगे। जानकार मानते हैं कश्मीर को लेकर सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
 जानकारों का कहना है कि फिलहाल जमीनी स्थिति पर नजर रखनी होगी। चीन और पाकिस्तान दोनो से एक साथ रिश्ते सुधरने की पहल होगी तो इलाके में कई अहम बदलाव भी नजर आएंगे।
 
अमेरिका का पाकिस्तान पर दबाव 
गौरतलब है कि अमेरिका में नए प्रशासन के सत्ता में आने के बाद कई तरह के घटनाक्रम इलाके में हो रहे हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मसले पर साफ संदेश दिया है। कश्मीर को लेकर भी बाइडेन प्रशासन की स्थिति स्पष्ट है। पाकिस्तान को अलग थलग पड़ने का डर सता रहा है। इसका असर भी कूटनीति के स्तर पर दिखेगा।
 

Leave a Reply