गर्मी की छुट्टियों में शिक्षकों को बना दिया तेंदूपत्ता पर्यवेक्षक

नारायणपुर। जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए इस बार शिक्षक भी जंगल जाकर काम कर रहे हैं। गर्मी छुट्टी में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के लिए शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है। महिला और दिव्यांग शिक्षकों की डयूटी लगाई गई है। वन विभाग में कर्मचारियों का टोटा होने पर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कार्य में लगाया गया है। 

कलेक्टर पीएस एल्मा ने एक अप्रैल को आदेश जारी का 79 शिक्षकों को तेंदूपत्ता संग्रहण केन्द्रों की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए फड़ अभिरक्षक नियुक्त किया है। शिक्षकों को देर शाम तक फड़ में नजरे जमाएं रखनी पड़ रही है। जंगली इलाके में देर शाम तक तेंदूपत्ता की खरीददारी हो रही है।
इस वजह से शिक्षकों को देर रात तक रूकना मजबूरी हो गया है। जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी के लिए परिक्षेत्र छोटेडोंगर, धौड़ाई, बेनूर, फरसगांव, नारायणपुर, पूर्व सोनपुर और पश्चिम सोनपुर के समितियों के नाम से संग्रहण केन्द्र बनाया गया है जिसमें वनपाल और वनरक्षकों के साथ शिक्षकों को लगाया गया है।

जिला प्रशासन के द्वारा अबूझमाड़ के शिक्षकों को राहत देते कोंगे की समिति में आने वाले संग्रहण केन्द्र में उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। यहां के पांगुड, बाला, नुरपदर, बोरानीर, गारपा केन्द्र में वनरक्षकों के माध्यम से ही तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है।
इसी प्रकार सोनपुर समिति के संग्रहण केन्द्र बेचा, कुंदला, किहकाड, ढूटाखार, कोहकामेटा, बासिंगबहार, बोगान, गुन्दुल और हेटाडकसा में भी शिक्षकों पर रहम किया गया है। वहीं गढबेंगाल समिति के 16 संग्रहण केन्द्रों में कई महिला शिक्षकों को फड़ अभिरक्षक बनाया गया है। भीषण गर्मी में महिलाओं को जिम्मेदारी देने से शिक्षक बेहद नाराज हैं।

जानकारी नहीं
तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में महिला शिक्षकों की ड्यूटी के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। बीईओ से फाइल तलब कर इस पर कुछ कहा जा सकता है। अंदरूनी क्षेत्रों में अगर महिलाओं की ड्यूटी लगाई गई है तो इस पर विचार किया जाएगा। – श्रवण कुमार सूर्यवंशी, डीईओ, नारायणपुर

महिलाओं की ड्यूटी लगाना ठीक नहीं
गर्मी छुटि्टयों में शिक्षकों को तेंदूपत्ता फड़ अभिरक्षक बनाया जाना निंदनीय है। खासकर महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाना ठीक नहीं है। शिक्षाकर्मी संघ इसका पुरजोर विरोध करता है। एक मई से 15 जून तक शासन से अवकाश घोषित है। इस अवधि में कार्य लिया जाना निराशाजनक है। – पूरन सिंह देहारी, जिलाध्यक्ष, संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ, नारायणपुर
 

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