गुरुग्राम हत्याकांड: जमीन को लेकर हुई थी 1 करोड़ की डील

गुरुग्राम। गुरुग्राम में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी करने वाले डॉ.प्रकाश सिंह वाराणसी जाने वाले थे। शहर से सटे छित्तूपुर, लंका में ससुराल की जमीन का उन्होंने करीब 1 करोड़ रुपये में सौदा तय किया था। उसी जमीन की रजिस्ट्री करने उन्हें वाराणसी जाना था, लेकिन उनकी यात्रा अचानक स्थगित हो गई थी।
चितईपुर में कपड़े की दुकान करने वाले रंजीत सिंह जोकि डॉ. प्रकाश के सबसे छोटे जीजा हैं। वह भी गुरुग्राम पहुंच गए। उन्होंने कहा कि वहां डॉ। प्रकाश की साली सीमा, नोएडा में रह रहे बड़े जीजा, रंजीत एवं दो पड़ोसियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया है।
रंजीत सिंह का कहना है कि 1991 में डॉ। प्रकाश की बहन से उनकी शादी बाबतपुर के पास रघुनाथपुर गांव में हुई थी। तब तक पूरा परिवार गांव में ही रहता था। चार बहनों में वह अकेले थे। पिता राम प्रसाद सिंह उर्फ रामू पटेल किसान थे। पिता ने सभी बेटियों की शादी आसपास के गांव व शहर में की थी। रंजीत सिंह ने के अनुसार 4 दिन पहले उन्होंने फोन कर ससुराल की जमीन को बेचने की बात बतायी थी। ससुराल में पत्नी सोनू सिंह के अलावा कोई नहीं था। उनके ससुर ने सोनू व प्रकाश के साझा नाम से जमीन की वरासत की थी। फोन पर प्रकाश ने कहा था कि वह सोमवार को वाराणसी पहुंचेंगे। इस दौरान वह उनसे मिलने गंगापुर स्थित गांव या चितईपुर में दुकान पर आएंगे। किसी को क्या पता था कि उनकी जगह उनकी मौत की सूचना आएगी। घटना वाली रात में 11 बजे उनकी साली सीमा से बात भी हुई थी। गुरुग्राम में आवास पर पहुंची सीमा ने बताया कि बातचीत से वह किसी प्रकार की शिकायत या दबाव में नहीं लग रहे थे।
