‘गुलाब से गंदे व खारे पानी को शुद्ध करने का तरीका ढूंढ निकाला वैज्ञानिकों ने

वॉशिंगटन । अमेरिका के वैज्ञानिकों ने 'गुलाब से गंदे व खारे पानी को शुद्ध करने का तरीका ढूंढ निकाला है। दरअसल वैज्ञानिकों ने गुलाब से प्रेरित होकर पानी को इकट्ठा करने और उस शुद्ध करने की एक सस्ती डिवाइस बनाई है। इसके माध्यम से दूर-दराज के स्थानों में घरों के लिए पानी का पोर्टेबल स्रोत बनाया जा सकता है। टेक्सास के वैज्ञानिकों ने गुलाब के फूल जैसी एक संरचना विकसित की है जो प्रति घंटे आधे गैलन से ज्यादा पानी को शुद्ध कर सकती है। इसमें सौर ऊर्जा का भी उपयोग होता है। इससे वाष्पीकरण के माध्यम से पानी से नमक और अन्य अशुद्धियां अलग की जा सकती है। इस अध्ययन को प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया कि किस तरह गुलाब की पंखुड़ियों के मुड़ाव से प्रेरणा लेकर उन्होंने काले कागज की चादरों से पंखुड़िया बनाकर नए प्रकार का सोलर-स्टीमिंग सिस्टम बनाया। वर्तमान में जितने भी सोलर-स्टीमिंग सिस्टम हैं वे बहुत महंगे और भारी हैं।
टीम का उद्देश्य सस्ते और पोर्टेबल सिस्टम विकसित करना था। इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता डोंगलई फैन ने बताया कि इन काले कागजों पर एक विशेष प्रकार के पॉलीमर का कोट रहता है जिसे पॉलीपीरोल के रूप में जाना जाता है। पॉलीपीरोल वह सामग्री है जो अपने फोटोथर्मल गुणों के लिए जानी जाती है। यह सूर्य के प्रकाश को थर्मल हीट में परिवर्तित कर देती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि अपनी नई विधि में उन्होंने कोटेड काले पेपर को कई तरह से फोल्ड करके उस सबसे अधिक उपयोग लायक बनाने की कोशिश की। उन्होंने उस कई तरह से मोड़ा,लेकिन निष्कर्ष मनमुताबिक नहीं आया। तभी उन्होंने उस गुलाब की पंखुड़ियों के आकार में फोल्ड किया तो पाया कि उस डिजाइन से मिले परिणाम सबसे अच्छे थे। इस डिवाइस में नीचे एक नली लगी होती है जो पानी इकट्ठा करती है साथ ही यह बारिश के पानी को भी इकट्ठा करता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस डिवाइस से पानी से बैक्टीरिया और अन्य प्रदूषक हटाने में मदद मिलती है। यह समुद्र के जल से नमक को भी निकालता है। इसके द्वारा शुद्ध किया गया जल विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों को पूरा करता है।
